कुछ राशियां शिव को हैं प्रिय, इस तरह करें अभिषेक, आपकी मनोकामना होगी पूरी

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इंदौर। भगवान शिव सर्वहारा के देवता हैं। सभी की सुनते हैं और सभी की मनोकामना पूरी करते हैं। सावन का पूरा महीना शिव को समर्पित है और इन दिनों की पूजा और अनुष्ठान का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि शिव को पांच राशियां बहुत पसंद हैं। इस बार भी शिव सावन में इन पांच राशियों पर विशेष कृपा बरसाने वाले हैं।

मेष-मंगल के स्वामित्व वाली मेष राशि भगवान शिव को प्रिय है। भोलेबाबा की कृपा से इनके सभी बिगड़े काम बन जाते हैं और उनके आशीर्वाद से करियर और कारोबार में तरक्की होती है। शिवजी इनके शुभ कार्य में रही हर बाधा को दूर करते हैं और इस राशि के लोग खूब नाम कमाते हैं। आपको सावन में रोजाना तांबे के लोटे में गुड़ और लाल चंदन डालकर शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए।

कर्क-इस राशि के स्वामी चंद्रमा हैं जिनको भगवान शिव ने अपने मस्तक पर धारण किया हुआ है। इसलिए कर्क भी भगवान शिव की प्रिय राशियों में से एक मानी जाती है। कर्क राशि वालों की भोलेबाबा सदैव रक्षा करते हैं और उन्हें सदैव विपत्ति से बचाते हैं। इस राशि के लोग स्वभाव से बहुत सहनशील होते हैं, इसलिए इनके धैर्यपूर्ण स्वभाव की वजह से भगवान शिव इन्हें बहुत पसंद करते हैं। आपको रोजाना सावन में चांदी के लोटे से शिवलिंग पर दूध चढ़ाना चाहिए।

तुला-शुक्र के स्वामित्व वाली तुला राशि भगवान शिव की प्रिय राशियों में से एक मानी जाती है। इस राशि के लोग स्वभाव से बहुत आध्यात्मिक प्रकृति के माने जाते हैं और यही वजह है कि जो शिवजी इस राशि के लोगों के साथ हमेशा खड़े रहते हैं। शिवजी इनका हर बिगड़ा काम संवार देते हैं और सदैव इनके सिर पर सदैव हाथ रखते हैं। सावन में रोजाना आपको पानी में मिसरी डालकर जलाभिषेक करना चाहिए और ऊं नम: शिवाय मंत्र का जप करना चाहिए।

मकर-इस राशि के स्वामी शनि महाराज हैं। शनि भगवान शिव को अपना आराध्य मानते हैं और कहते हैं कि उन्होंने शिव जी की कृपा से ही दंडाधिकारी का पद प्राप्त किया था इसलिए शिवजी को मकर राशि भी बहुत प्रिय होती है। इस राशि के लोग स्वभाव से बहुत मेहनती होते हैं यही वजह है कि हर मुश्किल वक्त में भगवान शिव इनकी रक्षा करते हैं। आपको सावन में रोजाना शिवलिंग पर जल में काले तिल डालकर शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए।

कुंभइस राशि वाले भी भगवान शिव को सबसे प्रिय होते हैं। कुंभ राशि के लोग स्वभाव से बहुत सच्चे होते हैं और सदैव दूसरों की भलाई करने में लगे रहते हैं। कहते हैं कुंभ राशि वालों को भगवान शिव अकाल मृत्यु से बचाते हैं और उनको सदैवे सुख समृद्धि से भरपूर रखते हैं। भगवान शिव के आशीर्वाद से भगवान शिव अपने जीवन में बड़ा मुकाम हासिल करते हैं। सावन में रोजाना शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाएं।

Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)
Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)http://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन बिल पर शनिवार रात 8.30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। इसमें उन्होंने विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो पाप विपक्ष ने किया है, उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी। ये देश के नारी शक्ति के अपराधी हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियनम में संशोधन नहीं हो पाया। मैं सभी माताओं बहनों से इसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं। हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सबकुछ हो जाता है तो दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है। तो नारी शक्ति को देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नागरिक शक्ति को भुगतना पड़ा। संसद में तालियां बजा रही थीं परिवारवादी पार्टियां कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ कि नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजे थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया वह केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वह नारी के आत्म सम्मान पर चोट थी। नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था। जिन दलों ने विरोध किया उनसे मैं दो टूक कहूंगा-ये लोग नारी शक्ति को फोर ग्राटेंड ले रहे हैं वे यह भूल रहे हैं कि 21 वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वह उनकी मंशा भांप रही है और सच्चाई भी भली-भांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी।  इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। जनता द्वारा इसकी सजा से वे बच नहीं पाएंगे। साथियों, संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से कुछ छीनने का नहीं था। हर किसी को कुछ न कुछ देने का था। ये 40 साल से लटके हुए अपना असली चेहरा सामने ला दिया है पीएम मोदी ने कहा कि इन दलों ने नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। मुझे लगा कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेगी। अपने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन कांग्रेस  ने महिलाओं के पक्ष में रहने का अवसर खो दिया। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों की पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए लेन कांग्रेस यह भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़ी। इसीलिए कांग्रेस ने इसमें संशोधन न करवाकर अनेक क्षेत्रीय दलों की राजनीतिक भविष्य को अंधेरे की ओर ढकेला है। विरोध की एक बड़ी वजह इन परिवारवादी पार्टियों का डर है। अगर महिलाएं सशक्त  हो गईं तो इन परिवारवादी पार्टियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। कांग्रेस ने दरार पैदा कनरे वाली भावनाओं को हवा दी कांग्रेस ने बांटो और राज करो विरासत में लेकर आई है। इसीलिए वह दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है। हमने स्पष्ट किया किया सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी। फिर भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए। यह सभी राज्यों और दलों के लिए अवसर था। यह बिल पास होता तो तमिलनाडु, केरल, यूपी सभी राज्यों की सीटें बढ़तीं। इन दलों ने अपने राज्यों के लोगों को भी धोखा दे दिया।