नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अमेरिका में दिए बयानों पर सियासत गरम है। आरक्षण पर दिए उनके बयान पर बसपा नेता मायावती ने भी राहुल को घेरा है। हालांकि राहुल ने वाशिंगटन डीसी से सफाई देते हुए कहा है कि मेरे बयान को गलत तरीके से दिखाया गया है। राहुल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से ज्यादा करेगी। उन्होंने कहा कि वे आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं और सभी की भागीदारी के लिए राजनीति कर रहे हैं।
वाशिंगटन में मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस को गलत समझा गया है। वो 50 प्रतिशत से आगे बढ़कर आरक्षण देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम जो कह रहे हैं वह केवल आरक्षण के विचार से अलग है। हम आरक्षण को 50 प्रतिशत से आगे बढ़ाने जा रहे हैं। मैं बार–बार यह कहता रहा हूं और कभी भी आरक्षण के खिलाफ नहीं रहा हूं। मेरे बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है कि मैं आरक्षण के खिलाफ हूं।
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बसपा प्रमुख ने राहुल पर साधा निशाना
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा क कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अब यह सफाई कि वे आरक्षण के विरुद्ध नहीं हैं स्पष्टतः गुमराह करने वाली है। केन्द्र में भाजपा से पहले 10 साल उनकी सरकार रही। उन्होंने सपा के साथ मिलकर एससी-एसटी का पदोन्नति में आरक्षण बिल पास नहीं होने दिया। इनके द्वारा अब देश में आरक्षण की सीमा को 50 प्रतिशत से बढ़ाने की बात कही जा रही है, जो एक छलावा है। अगर इनकी नीयत साफ होती तो कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों में यह कार्य जरूर कर लिया गया होता। कांग्रेस ने न तो ओबीसी आरक्षण लागू किया और न ही एससी-एसटी आरक्षण सही तरीके से लागू किया।


