यूजीसी के नए नियमों को लेकर बवाल, दिल्ली सहित देश के कई स्थानों पर प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा मामला

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नई दिल्ली। यूजीसी के नए नियमउच्च शिक्षा संस्थानों में समानता विनियम, 2026′ को लेकर दिल्ली से लेकर देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली में यूजीसी मुख्यालय के बाहर सामान्य वर्ग के प्रतिनिधि विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।

देशभर में जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स और सवर्ण जाति के लोगों का यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (यूजीसी) के नए नियमों को लेकर विरोध तेज हो गया है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, रायबरेली, वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज और सीतापुर में छात्रों, युवाओं और विभिन्न संगठनों ने जगहजगह प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। रायबरेली में भाजपा किसान नेता रमेश बहादुर सिंह और गौरक्षा दल के अध्यक्ष महेंद्र पांडेय ने सवर्ण सांसदों को चूड़ियां भेजी हैं।

उल्लेखनीय है कि यूजीसी ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसका नाम है– ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026इसके तहत, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें खासतौर पर एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि, नियमों को जनरल कैटेगरी के खिलाफ बताकर विरोध हो रहा है।

देश में कई स्थानों पर हो रहा विरोध

यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ दिल्ली के साथसाथ उत्तर प्रदेश और बिहार में भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज सुबह से ही बड़ी संख्या में सामान्य वर्ग के छात्र सड़क पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं बिहार में कई जगहों से प्रदर्शन की जानकारी सामने आई है। जमीन से लेकर सोशल मीडिया तक यूजीसी के इन नए नियमों के खिलाफवॉरछिड़ गया है। सामान्य वर्ग की मांग है कि इस एक्ट को वापस लिया जाए या इसमें संशोधन किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

यूजीसी द्वारा बनाए गए नए नियमों के खिलाफ मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका मेंउच्च शिक्षा संस्थानों में समानता विनियम, 2026′ को रद्द करने की मांग की गई है। हालांकि सर्वोच्च अदालत इस याचिका पर सुनवाई करेगा या नहीं, इस पर निर्णय आना अभी बाकी है।

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया था इस्तीफा

बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी नीतियों विशेषकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों पर नाराजगी जताते हुए सोमवार को सेवा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यूजीसी के नए नियमों कोकाला कानूनबताते हुए आरोप लगाया कि ये नियम कॉलेजों के शैक्षणिक वातावरण को दूषित कर देंगे और इन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।

Ardhendu Bhushan
Ardhendu Bhushanhttp://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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