मोहन कैबिनेट का सही फैसला, विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष का इनकम टैक्स नहीं भरेगी सरकार

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भोपाल। मंगलवार को भोपाल में हुई कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कई फैसले लिए। सरकार ने फैसला किया है कि अब विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष अपना इनकम टैक्स खुद भरेंगे। अब तक इनका इनकम टैक्स सरकार भरती आई है। सरकार ने एमएलए रेस्ट हाउस को तोड़कर 102 नए विधायक आवास बनाने का फैसला भी किया है। इसके लिए 159 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए गए हैं।

इसके साथ ही बैठक में सोयाबीन उपार्जन नीति को मंजूरी भी दी गई। अब प्रदेश में किसानों से एमएसपी पर सोयाबीन की खरीदी की होगी। सरकार किसानों से सोयाबीन की खरीदी 4892 रुपये प्रति क्विंटल में करेगी। 25 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक खरीदी होगी। इसके लिए 25 सितंबर से रजिस्ट्रेशन शुरू किया जाएगा।

5 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक सिंग्रामपुर में

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बैठक में कहा है कि 5 अक्टूबर की मंत्री परिषद की बैठक दमोह जिले के सिंग्रामपुर में होगी। सिंग्रामपुर वीरांगना रानी दुर्गावती की राजधानी रहा है। सीएम ने कहा कि इस वर्ष दशहरा पर सभी मंत्री अपने प्रभार के जिलों में शस्त्र पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री अहिल्या देवी की राजधानी महेश्वर में शस्त्र पूजन करेंगें।

कान्ह नदी डायवर्ट होगी, 919 करोड़ खर्च होंगे

डिप्टी सीएम शुक्ल ने बताया कि कैबिनेट में शिप्रा और कान्ह नदी डायवर्सन पर भी चर्चा हुई है। शिप्रा को साफ रखने के लिए कान्ह नदी को डायवर्ट किया जाएगा। इस पर 919 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कान्ह को डायवर्ट कर गंभीर नदी में डैम के पास इसे मिलाएंगे। इससे शिप्रा में कान्ह नदी का गंदा पानी नहीं मिलेगा।

5 ब्लॉक में बनेंगे 102 विधायक आवास

भोपाल में विधायक विश्राम गृह के स्थान पर अब नए आवास बनेंगे। बैठक में कैबिनेट ने इसके लिए 159.13 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। यहां 5 ब्लाक में 102 नए एमएलए आवास बनाए जाएंगे। प्रथम चरण के इन आवासों का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाएगा।

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन बिल पर शनिवार रात 8.30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। इसमें उन्होंने विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो पाप विपक्ष ने किया है, उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी। ये देश के नारी शक्ति के अपराधी हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया। मैं सभी माताओं-बहनों से इसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं। हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सबकुछ हो जाता है, तो दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नागरिक शक्ति को भुगतना पड़ा। संसद में तालियां बजा रही थीं परिवारवादी पार्टियां कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ कि नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजे थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया वह केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वह नारी के आत्म सम्मान पर चोट थी। नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था। जिन दलों ने विरोध किया उनसे मैं दो टूक कहूंगा-ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्राटेंड ले रहे हैं वे यह भूल रहे हैं कि 21 वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वह उनकी मंशा भांप रही है और सच्चाई भी भली-भांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी।  इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। जनता द्वारा इसकी सजा से वे बच नहीं पाएंगे। साथियों, संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से कुछ छीनने का नहीं था। हर किसी को कुछ न कुछ देने का था। अपना असली चेहरा सामने ला दिया है पीएम मोदी ने कहा कि इन दलों ने नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। मुझे लगा कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेगी। अपने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन कांग्रेस ने महिलाओं के पक्ष में रहने का अवसर खो दिया। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों की पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए, लेकिन कांग्रेस यह भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े। इसीलिए कांग्रेस ने इसमें संशोधन न करवाकर अनेक क्षेत्रीय दलों की राजनीतिक भविष्य को अंधेरे की ओर ढकेला है। विरोध की एक बड़ी वजह इन परिवारवादी पार्टियों का डर है। अगर महिलाएं सशक्त  हो गईं तो इन परिवारवादी पार्टियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। कांग्रेस ने दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी कांग्रेस ने बांटो और राज करो की नीति विरासत में लेकर आई है। इसीलिए वह दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा देती है। हमने स्पष्ट किया किया था सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी। फिर भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए। यह सभी राज्यों और दलों के लिए अवसर था। यह बिल पास होता तो तमिलनाडु, केरल, यूपी सभी राज्यों की सीटें बढ़तीं। इन दलों ने अपने राज्यों के लोगों को भी धोखा दे दिया।