बार-बार हार के बाद भी नहीं सुधर रही कांग्रेस, इंदौर में संगठन की बैठक में चले लात-घूंसे, आरोप बर्दाश्त नहीं कर पाए चौकसे

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इंदौर। बार-बार सत्ता से दूर होने के बाद भी कांग्रेस में कोई सुधार नहीं होने वाला। एक तो पहले ही काफी कम नेता बचे हैं, जो बल्लम थे सब भाजपा के हो चुके हैं। इसके बाद भी गुटबाजी और आपस में भिड़ने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। हद तो तब हो गई जब गुरुवार को कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय सचिव और मध्य प्रदेश के सह प्रभारी संजय दत्त के सामने ही नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे दो नेताओं को पीट बैठे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह विवाद नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे और यूथ कांग्रेस आईटी सेल के पदाधिकारी दीपक सोनवाने और बसंत पाटिल के बीच हुआ। बैठक शुरू होने के बाद नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे बोलने खड़े हुए तो बसंत ने कहा चौकसे तो भाजपा से मिले हुए हैं। इनको तो निगम से भी कुछ नहीं बोलने का पैसा मिलता है। ये बैठक में क्या बोलेंगे। इसके बाद चौकसे के खिलाफ सोनवाने भी बोलने लगे तो चौकसे के समर्थकों ने दोनों को ऐसा बोलने से रोका, लेकिन दोनों नहीं माने तो चौकसे समर्थकों ने दोनों की पिटाई शुरू कर दी। इस दौरान जूते चप्पल भी चले। दीपक के सिर और हाथ पर खरोच भी आई। इसके बाद दोनों पक्ष पंढरीनाथ थाने गए और शिकायत की।

दीपक बोले-मेरा टिकट कटवाया

दीपक सोनवाने ने कहा कि इंदौर विधानसभा-2 की संगठन बैठक चल रही थी। मैंने तो कुछ बोला भी नहीं। उन्होंने (चिंटू चौकसे) मुझसे पुरानी खुन्नस निकाली है। इन्होंने मेरा टिकट कटवाया था। चिंटू ने मेरी पसली में जूता मारा और लात मारी है। विधानसभा में यह 1.07 लाख रिकॉर्ड मतों से हारे हैं, लेकिन इनके खिलाफ कुछ बोलो तो धमकियां मिलती हैं कि घर से उठवा लेंगे।

चौकसे ने कहा-परिवार का मामला है

इस मामले में चिंटू चौकसे का कहना है कि यह परिवार का मामला है, कुछ नहीं हुआ है। कांग्रेस में सभी को बोलने का अधिकार है, लेकिन आरोपों में तथ्य होना चाहिए। ऐसे ही कुछ नहीं बोला जाता है।

पुलिस ने कराया मेडिकल

पंढरीनाथ टीआई कपिल शर्मा के अनुसार दोनों पक्षों के कार्यकर्ता थाने आए थे। एक पक्ष से दीपक और दूसरे पक्ष से संदीप चोट आई है। मेडिकल कराया है। दोनों पक्षों के नेता समझौते की बात कह रहे थे। अगर शिकायत आती है, तो एक्शन लिया जाएगा।

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