👉 यह भी पढ़ें:
- Paper Leak Controversy: पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान पर CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका का पलटवार, बोले- ‘मरहम नहीं, चोट की वजह का इलाज जरूरी’
- दिल्ली में आज दिखा विपक्ष का दम, राहुल गांधी और प्रियंका के प्रदर्शन से मचा हड़कंप, सरकार के माथे पर भी पड़ा बल
- CJP के संसद मार्च के बाद मचे बवाल से घबराई सरकार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा घायल प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे
- इंदौर के बरलई में भी जंतर-मंतर जैसे हालात, पहले से पता होने के बाद भी नहीं चेता प्रशासन, आंसू गैस और वाटर कैनन से किसानों को रोका
- वाह रे सरकार, शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले, मानसून सत्र नहीं होता तो पता नहीं क्या करते
- दिल्ली में संसद मार्च से पहले सियासी हलचल तेज, CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा दावा; पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
0:00 left
किसानों का दिल्ली कूच: 14 दिसंबर को आंदोलन तेज करने का ऐलान
पंजाब-हरियाणा सीमा पर शंभू बॉर्डर पर डटे किसानों ने मंगलवार को दिल्ली कूच का ऐलान किया। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया कि 101 किसानों का जत्था 14 दिसंबर को दिल्ली की ओर रवाना होगा। यह फैसला संयुक्त किसान मोर्चा और किसान-मजदूर संघर्ष समिति की सामूहिक बैठक के बाद लिया गया।
पंढेर का बयान: सरकार को भगाने का संकल्प
सरवन सिंह पंढेर ने स्पष्ट किया कि किसान पीछे हटने वाले नहीं हैं, बल्कि सरकार को उनकी मांगें मानने के लिए मजबूर करेंगे। उन्होंने कहा, हम भागने वाले नहीं हैं, बल्कि सरकार को भगाएंगे।
भूख हड़ताल और नेता की बिगड़ती सेहत
इस बीच, शंभू बॉर्डर पर आंदोलन के नेतृत्व कर रहे किसान नेता खनौरी बॉर्डर पहुंच गए, जहां मंगलवार को सामूहिक भूख हड़ताल रखी गई।
किसान नेता काका सिंह कोटडा ने बताया कि संयुक्त मोर्चा के प्रमुख जगजीत डल्लेवाल की सेहत लगातार बिगड़ रही है। उनका वजन लगभग 11 किलो कम हो चुका है, और वह कमजोरी तथा चक्कर की समस्या से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उनके लिवर फंक्शन टेस्ट खराब आ रहे हैं।
आंदोलन जारी रखने की रणनीति
किसानों ने सरकार पर दबाव बनाए रखने के लिए आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाई है। दिल्ली कूच के साथ भूख हड़ताल और बॉर्डर पर डटे रहना उनकी योजना का हिस्सा है। किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं और सरकार से समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।



