👉 यह भी पढ़ें:
- राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए भाजपा नगर अध्यक्ष ने पटवारी को लिखा पत्र, सुझाए कई स्थान
- राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए कांग्रेस ने खेला दांव, डेली कॉलेज से मांगी जगह
- आखिर पिता दिग्विजय सिंह की विरासत कैसे संभाल पाएंगे जयवर्धन?
- वंदे मातरम् पर सियासी संग्राम: कांग्रेस के दो अंतरे वाले फैसले पर भाजपा ने पास किया प्रस्ताव
- वंदे मातरम् विवाद : अमित शाह ने कहा-तुष्टिकरण की राजनीति कर रही कांग्रेस
- CWC की बैठक में वंदे मातरम् पर मंथन, दो ही छंद गाएगी कांग्रेस
0:00 left
भोपाल। सीहोर में कारोबारी मनोज परमार और उनकी पत्नी की आत्महत्या के मामले में सियासत जारी है। शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सीहोर पहुंचे। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से व्यापारी के बच्चों की मोबाइल पर बात कराई। इधर, परिजनों ने ईडी पर व्यापारी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
उल्लेखनीय है कि व्यापारी के बच्चों ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान अपनी गुल्लक भेंट की थी। कांग्रेस का आरोप है कि इसके बाद व्यापारी के यहां ईडी का छापा पड़ा था। परिवार का कहना है कि मनोज परमार पर ईडी के अधिकारियों द्वारा दबाव बनाया जा रहा था और उन्हें कांग्रेस नेताओं को गुल्लक भेंट करने की सजा दी जा रही थी।
राहुल गांधी ने मिलने आने का किया वादा
शनिवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य पार्टी नेताओं के साथ, राहुल गांधी से मनोज परमार के बच्चों की बातचीत करवाई गई। इस दौरान, मनोज परमार के बेटे जतिन ने राहुल गांधी से बताया कि उनके पिता पर ईडी अधिकारी भाजपा ज्वाइन करने का दबाव बना रहे थे। हालांकि मनोज परमार ने इसका विरोध किया, जिससे वह मानसिक तनाव का शिकार हो गए। राहुल गांधी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि घबराओ मत, मैं मिलने आऊंगा।
ईडी ने कहा- धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड था परमार
इस मामले पर ईडी ने कहा कि पांच दिसंबर को मनोज परमार के घर पर कानूनी प्रक्रिया के तहत सर्चिंग की गई थी। इसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे। ईडी के अनुसार, मनोज परमार के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें बैंक धोखाधड़ी, बलात्कार और धमकियां देना शामिल हैं। ईडी ने यह भी बताया कि मनोज परमार मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में जांच के दायरे में था। ईडी कहा कि मनोज परमार एक प्रमुख बैंक धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड था।



