सदाशिव भिया, भले ही शादी का निमंत्रण फर्जी था, लेकिन मौका असली था, इसी बहाने लोगों को जीमवा देते, अब पार्टी में कोई खास काम तो है नहीं

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इंदौर। कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव के नाम से शादी का निमंत्रण जारी होने की चर्चा अब भी जारी है। भले ही सदाशिव यादव इस निमंत्रण को फर्जी बता चुके हैं, लेकिन कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता कह रहे हैं कि लंबे समय से एकांतवाश काट रहे भिया के पास जनसंपर्क बढ़ाने का एक अच्छा मौका था। फर्जी शादी के कार्ड पर कार्यकर्ताओं का जुटान हो जाता।

उल्लेखनीय है कि सदाशिव यादव के नाम से शादी का एक फर्जी निमंत्रण पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस निमंत्रण में 24 फरवरी 2026 की तारीख डालकर लोगों को एक तथाकथित शादी समारोह में आमंत्रित किया गया था। कार्ड के साथ एक लिंक भी भेजा गया था। निमंत्रण वायरल होने के बाद जब लोगों ने यादव से संपर्क किया तो उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी लगी।

कांग्रेस के साथ भाजपा में भी लोग ले रहे मजे

इस फर्जी निमंत्रण की चर्चा कांग्रेस के साथ ही भाजपा में भी है। लोग कह रहे हैं कि अब सदाशिव यादव के पास कोई काम तो बचा नहीं है, जिसने भी यह फर्जीवाड़ा किया निश्चित ही वह उनका शुभचिन्तक रहा होगा। इसी बहाने एक बार वे चर्चा में आ गए। जो लोग उनका नाम भूल रहे थे, उन्हें अब यह तो पता चला कि सदाशिव भिया अब भी सक्रिय हैं।

इसी बहाने हो जाता भोजन-भंडारा

कांग्रेस के कार्यकर्ता कह रहे हैं कि सदाशिव भिया को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए। भले ही शादी नहीं करते, लेकिन भोजन-भडारा तो करा ही सकते थे। इसी बहाने कार्यकर्ताओं का जमावड़ा हो जाता और सब से मेल-मुलाकात भी हो जाती। हो सकता है इसी भंडारे में वह भी आ जाता जिसने यह फर्जी मैसेज चलाया होगा।

भाजपा वाले भी रहें सावधान

इस घटना के बाद अब भाजपा वालों को भी सावधान रहने की जरूरत है। वैसे भी भाजपा में तो कुछ कुंवारे नेता भी पड़े हैं। कहीं ऐसा न हो कि उनके नाम से भी कोई मैसेज चल जाए। हालांकि इसमें निराश होने की बात नहीं है, इस तरह के मैसेज से लोकप्रियता ही बढ़ती है। चर्चा तो यह भी है इस मैसेज से सदाशिव यादव की लोकप्रियता का पैमाना देख कई नेता अपने स्तर से ही ऐसे प्रयास कर सकते हैं। खैर, जिसने भी यह मैसेज चलाया उसे सजा जरूर मिलनी चाहिए।

यादव बोले-अकाउंट हैक कर हुई साजिश

फर्जी कार्ड की जानकारी मिलते ही सदाशिव यादव ने तुरंत सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि यह निमंत्रण पूरी तरह फर्जी है। उन्होंने आशंका जताई कि उनका मोबाइल फोन या सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर ऐसी भ्रामक सामग्री फैलाई गई है। उन्होंने अपने सभी परिचितों, रिश्तेदारों और समर्थकों से कहा कि इस कार्ड या किसी भी संदिग्ध लिंक को खोलें।

साइबर सेल पहुंचा मामला, हो रही जांच

सदाशिव यादव ने इस पूरे मामले की शिकायत थाने और साइबर सेल में दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने इसे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और गलत सूचना फैलाने की साजिश बताया है। फिलहाल पुलिस और साइबर सेल यह पता लगाने में लगे हैं कि यह फर्जी संदेश किसने फैलाया था।

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