भारत-बांग्लादेश सीमा पर संदिग्ध रेडियो सिग्नल: चरमपंथी गतिविधियों को लेकर बढ़ी चिंता

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भारत-बांग्लादेश सीमा पर संदिग्ध रेडियो सिग्नल: चरमपंथी गतिविधियों को लेकर बढ़ी चिंता

भारत-बांग्लादेश सीमा पर शौकिया रेडियो ऑपरेटरों (हैम रेडियो संचालकों) ने बांग्ला, उर्दू और अरबी में संदिग्ध सिग्नल पकड़ने का दावा किया है, जिससे चरमपंथी गतिविधियों को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब बांग्लादेश में राजनीतिक अशांति और भारत विरोधी बयानबाजी जारी है।

क्या है मामला?

  • दिसंबर 2024 से दक्षिण बंगाल में रेडियो ऑपरेटरों को संदिग्ध संचार संकेत मिले।

  • ये सिग्नल मुख्य रूप से आधी रात (1 बजे से 3 बजे के बीच) में सुनाई दिए।

  • बांग्लादेशी उच्चारण में बांग्ला, उर्दू और अरबी भाषा में संचार किया गया।

  • उत्तर 24 परगना (बशीरहाट, बोंगांव) और दक्षिण 24 परगना (सुंदरबन) के आसपास सिग्नल मिले।

  • कोलकाता अंतरराष्ट्रीय निगरानी स्टेशन को ट्रैकिंग के लिए सूचना दी गई।

चरमपंथी गतिविधियों की आशंका क्यों?

  1. गुप्त संचार: संदिग्ध सिग्नल किसी संगठित नेटवर्क के संचार का संकेत दे सकते हैं।

  2. बांग्लादेश में अस्थिरता: शेख हसीना सरकार के खिलाफ बांग्लादेश में अस्थिरता बढ़ी है, जिससे भारत विरोधी ताकतें सक्रिय हो सकती हैं।

  3. सीमा सुरक्षा का मुद्दा: भारत-बांग्लादेश की 4,096 किमी लंबी सीमा में 2,217 किमी पश्चिम बंगाल के साथ लगती है, जिसमें कई इलाके खुले और संवेदनशील हैं।

  4. चरमपंथी संगठनों की सक्रियता: अतीत में भी सीमा के पास अवैध गतिविधियों और घुसपैठ की घटनाएं सामने आई हैं।

हैम रेडियो संचालकों ने क्या कहा?

  • पश्चिम बंगाल रेडियो क्लब के सचिव अंबरीश नाग बिस्वास के मुताबिक,
    “जब हमने संचार में शामिल लोगों से पहचान पूछी, तो उन्होंने बातचीत बंद कर दी।”

  • गंगासागर मेले के दौरान भी संदिग्ध रेडियो सिग्नल की पुष्टि हुई।

क्या हो सकते हैं संभावित खतरे?

  1. आतंकी नेटवर्क: यह संकेत किसी संभावित आतंकी संगठन से जुड़े हो सकते हैं।

  2. तस्करी और घुसपैठ: अवैध हथियार और मानव तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की आशंका।

  3. साइबर और संचार सुरक्षा खतरे: यह भारत की संचार सुरक्षा को चुनौती दे सकता है।

सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया

  • केंद्रीय संचार मंत्रालय और कोलकाता अंतरराष्ट्रीय निगरानी स्टेशन मामले की गहन जांच कर रहे हैं।

  • सीमा सुरक्षा बल (BSF) और खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है।

  • सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

निष्कर्ष

भारत-बांग्लादेश सीमा पर संदिग्ध रेडियो सिग्नल की मौजूदगी सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकती है। सुरक्षा एजेंसियों को इस पर त्वरित कार्रवाई करनी होगी ताकि संभावित खतरों को रोका जा सके। आने वाले दिनों में इसकी जांच के नतीजे अहम साबित हो सकते हैं।

Abhilash Shukla (Editor)
Abhilash Shukla (Editor)http://www.hbtvnews.com
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