लालू यादव ने महाकुंभ पर कहा- कुंभ का क्या कोई मतलब है, फालतू है कुंभ, नई दिल्ली के भगदड़ पर रेल मंत्री का मांगा इस्तीफा

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पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने रविवार को महाकुंभ को लेकर एक बयान दिया है, जिस पर बवाल मचा हुआ है। लालू प्रसाद ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित भव्य महाकुंभ को लेकर कहा कि कुंभ का कोई मतलब नहीं, यह सब बेकार है। लालू यादव के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

महाकुंभ में बढ़ती भीड़ को लेकर पूछे जाने पर आरजेडी प्रमुख ने कहा कि अरे ये सब कुंभ का क्या कोई मतलब है, फालतू है कुंभ। लालू ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ से हुई लोगों की मौत के लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहराया.।आरजेडी प्रमुख ने इस घटना को लेकर केंद्र की एनडीए सरकार पर निशाना साधा और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस्तीफे की मांग की। लालू ने कहा कि बहुत दुखद घटना घटी है। हम सब लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। यह रेलवे की गलती है। रेलवे के कुप्रबंधन और लापरवाही की वजह से इतने लोगों की मौत हुई है। इस घटना के बाद केंद्रीय रेल मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।

भाजपा ने कहा-सनातन का अपमान

लालू प्रसाद के महाकुंभ को लेकर दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि उन्हें इस तरह की टिप्पणी से बचना चाहिए। यह सनातन का अपमान है। भाजपा नेता ने कहा कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई दुर्घटना बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। इसकी कल्पना नहीं की गई थी कि इतनी तादाद में लोग स्टेशन पर आएंगे और इतनी बड़ी घटना घट जाएगी। मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया गया है। घायलों का डॉक्टरों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है। बिहार भाजपा के प्रवक्ता मनोज शर्मा ने कहा कि राजद प्रमुख अपनी तुष्टिकरण की राजनीति के कारण ऐसी टिप्पणियां कर रहे हैं। राजद नेताओं ने हमेशा हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का अपमान किया है। राजद प्रमुख का महाकुंभ कोअर्थहीनबताने वाला ताजा बयान हिंदू धर्म के प्रति पार्टी की मानसिकता को उजागर करता है।

Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)
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Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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इंदौर। यशवंत क्लब में इन दिनों चुनाव का माहौल है। एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चल रहा है। इसी बीच एक सदस्य की चिट्‌ठी चर्चा का विषय बन गई है। इस सदस्य ने डॉ.सुरेंद्र दिल्लीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सदस्य ने सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि दिल्लीवाल चुपके से उसकी मंगेतर के फोटो और वीडियो बना रहे थे। यशवंत क्लब के सदस्य अधिवक्ता देवाशीष दुबे ने सचिव को लिखा है कि मैं यह पत्र अत्यंत पीड़ा और व्यथा के साथ लिख रहा हूं। मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि जिस घटना का वर्णन मैं करने जा रहा हूं, वह हमारे प्रतिष्ठित क्लब में घटित हो सकती है, जिसे हम सभी गर्व से अपना दूसरा घर कहते हैं। 15 अप्रैल की रात का है मामला पत्र में दुबे ने लिखा है कि 15 अप्रैल 26 को लगभग 9:00 बजे, मैं अपने मंगेतर (जिनकी पहचान मैं उजागर नहीं करना चाहता और कानून के अनुसार पीड़िता की पहचान सुरक्षित रखी जानी चाहिए) के साथ क्यू बॉल कैफे के सामने रात्रि भोजन के लिए बैठा था। हमारे सामने कुछ वरिष्ठ सदस्य बैठे हुए थे, जिनसे हमारा कोई संवाद नहीं था। लगभग 10 बजे, स्पाइस डेक (रेस्तरां) का एक वेटर/रिसेप्शनिस्ट हमारी मेज पर आया और हमें यह जानकारी दी कि सामने बैठे वरिष्ठ सदस्यों में से एक सदस्य मेरी मंगेतर की लगातार फोटो/वीडियो ले रहा है। वीडियो बनाते सदस्य ने खुद देखा दुबे ने लिखा है कि चूंकि यह किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध एक गंभीर आरोप है, इसलिए मैंने तुरंत कोई आवेशपूर्ण प्रतिक्रिया नहीं दी। मैं अपनी सीट से उठा और वॉटरफॉल क्षेत्र की ओर गया, जहां से स्पष्ट रूप से देखा कि उक्त वरिष्ठ सदस्य मेरी मंगेतर की फोटो/वीडियो बना रहा था। उसी समय मैंने अपनी मंगेतर से कहा कि वह उस सदस्य का वीडियो बनाए (उक्त वीडियो मैंने व्हाट्सएप के माध्यम से समिति के सदस्यों को भेज दिया है)। उस वीडियो में यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि वह मेरी मंगेतर का वीडियो बना रहा है। मोबाइल मांगा तो अन्य वरिष्ठों ने किया हस्तक्षेप इसके पश्चात मैंने उस वरिष्ठ सदस्य का सामना किया और उससे उसका मोबाइल फोन सौंपने को कहा, ताकि उन फोटो/वीडियो को देखा जा सके। वहां बैठे अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने हस्तक्षेप किया, जिससे संभवतः आरोपी को उक्त फोटो/वीडियो डिलीट करने का अवसर मिल गया, क्योंकि वह लगातार अपने फोन का उपयोग कर रहा था, बजाय स्थिति का सामना करने या अपना बचाव करने के। वेटर ने की घटना की पुष्टि इसके बाद, मैंने उस वेटर को बुलाया जिसने हमें सूचना दी थी, और उसने अन्य वरिष्ठ सदस्यों के सामने इस घटना की पुष्टि भी की। इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि क्लब के सीसीटीवी कैमरों, संबंधित वेटर तथा वहां उपस्थित अन्य वरिष्ठ सदस्यों के माध्यम से की जा सकती है। एक जिम्मेदार सदस्य होने के नाते, मैंने संयम बनाए रखा और किसी भी प्रकार की शारीरिक झड़प में शामिल नहीं हुआ, बल्कि इस लिखित शिकायत के माध्यम से उचित कार्रवाई की मांग कर रहा हूँ। संस्था के हित में पुलिस में नहीं की शिकायत सदस्य दुबे ने लिखा है कि मैंने अब तक तुकोगंज पुलिस स्टेशन, इंदौर में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है, केवल इसलिए कि हमारे प्रतिष्ठित संस्थान की छवि सुरक्षित रहे।  मेरा विनम्र मत है कि हमारा क्लब एक ऐसा स्थान है जहां हमारे परिवार स्वयं को सबसे अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। इस शांति और सुरक्षा को किसी भी प्रकार से भंग नहीं किया जाना चाहिए। चुनाव नहीं होता तो बाहर नहीं आती शिकायत उल्लेखनीय है कि यशवंत क्लब चुनाव के लिए मैदान सज चुका है। अध्यक्ष पद के दो दावेदार पम्मी छाबड़ा और अजय बागड़िया एक साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरी तरफ सचदेवा और गोरानी ने अपनी टीम की घोषणा कर दी है। सूत्र बताते हैं कि यशवंत क्लब में आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन मामला बाहर नहीं आता। अभी चूंकि चुनाव का माहौल चल रहा है, इसलिए ऐसी शिकायतें बाहर आ रही हैं। अब देखना यह है कि पीड़ित सदस्य को टोनी सचदेवा और संजय गोरानी की टीम न्याय दिलाती है या फिर पम्मी छाबड़ा और अजय बागड़िया की टीम।