भगवान श्रीकृष्ण पाथेय के विकास के लिए सीएम ने ली बैठक, कहा-राजस्थान और गुजरात सरकार से भी लेंगे सहयोग

Date:


AI Audio Companion
Ready to stream full article

👉 यह भी पढ़ें:

0:00

0:00 left

भोपाल। भगवान श्रीकृष्ण जहांजहां से होकर गुजरे हैं, ऐसे स्थलों के विकास को लेकर मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार एक साथ काम करने को तैयार हैं। हम राजस्थान सरकार के साथ मिलकर श्रीकृष्ण पाथेय के विकास के लिए काम करेंगे। भगवान श्रीकृष्ण के गुजरात गमन पथ के विकास के लिए हम गुजरात सरकार से सहयोग लेकर इस दिशा में काम करेंगे।

यह बात सीएम डॉ.मोहन यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास में श्रीकृष्ण पाथेय के संबंध में विषय विशेषज्ञ समिति की बैठक में कही। सीएम ने कहा कि श्रीकृष्ण पाथेय के विकास के लिए सभी समितियों को सक्रिय किया जाए। पुरातत्वविदों, धर्माचार्यों एवं भगवान श्रीकृष्ण पर साहित्य के अच्छे लेखकों को भी समिति में जोड़ा जाए।

उज्जैन, जयपुर और भरतपुर में भी हो बैठक

सीएम यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण पाथेय के विकास के लिए भोपाल के अलावा उज्जैन और राजस्थान के जयपुर या भरतपुर या ब्रज या चौरासी कोस या अन्य किसी विशिष्ट स्थल पर समिति बैठकें की जाएं। इससे दोनों राज्यों में श्रीकृष्ण पाथेय के लिए सकारात्मक माहौल बनेगा। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक त्योहारों में सरकार की सहभागिता बढ़ी है। हमने दशहरे में शस्त्र पूजा, दीपावली पर गोवर्धन पूजा और हाल ही में गीता जयंती भी मनाई है। प्रदेश के 17 पवित्र, धार्मिक शहरों में हमने शराबबंदी लागू करने का निर्णय ले लिया है। इससे समाज में बेहतर संदेश का संचार हुआ है। बैठक में समिति के सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे।

श्रीकृष्ण से जुड़ी लीलाओं को भी जोड़ेंगे

सीएम यादव ने कहा कि सरकार श्रीकृष्ण पाथेय के लिए फोकस्ड होकर काम करेगी। भविष्य में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी अन्य लीलाओं को भी हम इस कार्य से जोड़ेंगे। इनमें श्रीकृष्ण द्वारा उज्जैन में शिक्षा ग्रहण करना, सुदामा से मित्रता निभाना, वनवासी से प्रेम और गुरूशिष्य परम्परा की मिसाल कायम करने जैसे प्रसंग शामिल हैं। बैठक में समिति के सदस्यों द्वारा बताया गया कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा लोक कल्याण के लक्ष्य पूर्ति के लिए यद्यपि मथुरा, उज्जैन, द्वारिका, ब्रज मंडल, मेवात, हाड़ौत, मालवा, निमाड़, गुजरात, राजस्थान, विदर्भ, महाराष्ट्र के अनेक क्षेत्रों की यात्राएं की गईं, तथापि उनकी यात्रा का प्रमुख केन्द्र उज्जैन ही रहा था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

अफगानिस्तान टी20 सीरीज: संजू सैमसन की भारतीय टीम में वापसी

अफगानिस्तान टी20 सीरीज में संजू सैमसन की वापसी भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में नई दिशा मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी छात्रों की FIR रद्द की

प्रदर्शनकारी छात्रों की एफआईआर रद्द होने से सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों को राहत दी। कोर्ट ने नीट-यूजी पेपर लीक के विरोध में दर्ज एफआईआर को रद्द किया।

एनसीएलटी ने सुभाष चंद्रा की कर्ज निपटान योजना पर लगाई रोक

NCLT ने सुभाष चंद्रा की कर्ज निपटान योजना पर रोक लगाई। 5-सदस्यीय पीठ ने संपत्ति बिक्री पर भी रोक लगाई।

एससीओ में पीएम मोदी: आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंड खत्म हों

एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंड खत्म करने की अपील की। उन्होंने आतंकवाद के इकोसिस्टम को नष्ट करने पर जोर दिया।

गोवा-दिल्ली इंडिगो फ्लाइट की मोपा एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग

गोवा-दिल्ली फ्लाइट के इंजन की खराबी से मोपा एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित।

आरजीपीवी को तीन क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों में बांटा जाएगा, कैबिनेट की बैठक में कई फैसले

आरजीपीवी का विभाजन, तीन क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों में होगा। कैबिनेट ने इस फैसले की मंजूरी दी।

महू इन्फैंट्री स्कूल के 78वें स्थापना दिवस पर वीरों को नमन

महू इन्फैंट्री स्कूल के 78वें स्थापना दिवस पर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह संस्थान भारतीय सेना के लिए रणनीतिक प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र है।

मध्य प्रदेश: बिना बीमा वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

मध्य प्रदेश में 'नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल' नीति लागू। बिना बीमा वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा।

एमपी में भारी बारिश की चेतावनी, सतना में मंदाकिनी उफान पर

सतना में मंदाकिनी नदी उफान पर, रामघाट और भरतघाट जलमग्न। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया।

मध्य प्रदेश में 9 साल बाद छात्र संघ चुनाव, जानें क्यों थे रुके

मध्य प्रदेश में 9 साल बाद छात्र संघ चुनाव होंगे। जानें क्यों रुके थे ये चुनाव और अब कैसे होंगे।