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ट्रंप बनाम खामेनेई: ईरान पर सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद बढ़ा तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी देने के बाद, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने ट्रंप की धमकी को महज दबाव बनाने की रणनीति करार दिया और कहा कि कुछ विदेशी नेता बातचीत के नाम पर वर्चस्व स्थापित करना चाहते हैं।
खामेनेई का सख्त रुख
– “धमकी देकर समस्या हल नहीं होगी” – खामेनेई ने कहा कि बाहरी ताकतें अपने एजेंडे को ईरान पर थोपने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन तेहरान ऐसा नहीं होने देगा।
– उन्होंने अमेरिकी नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि असली उद्देश्य बातचीत नहीं, बल्कि दबदबा कायम करना है।
– ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी साफ किया कि “अधिकतम दबाव” की नीति के तहत कोई बातचीत संभव नहीं है।
परमाणु समझौते पर बढ़ा विवाद
– ट्रंप ने पूर्व कहा था कि उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता को पत्र भेजा था, जिसमें परमाणु कार्यक्रम पर नई बातचीत या फिर सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहने की बात कही गई थी।
– खामेनेई ने स्पष्ट किया कि ईरान ने एक साल तक परमाणु समझौते की शर्तों का पालन किया, लेकिन देश की संसद द्वारा नया कानून पारित होने के बाद समझौते से पीछे हटने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
– अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान कुछ हफ्तों में परमाणु हथियार बना सकता है, लेकिन ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
क्या बढ़ेगा टकराव?
ट्रंप और खामेनेई के तीखे बयानों से दोनों देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण रिश्तों में और तनाव बढ़ने के आसार हैं। सवाल यह है कि क्या कूटनीति के रास्ते बातचीत की गुंजाइश बची है, या फिर हालात और बिगड़ेंगे?
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