इंदौर। संभागायुक्त दीपक सिंह ने गुरुवार को तीन अधिकारियों पर एक्शन लिया है। संभागायुक्त ने 50 लाख की रिश्वत मांगने वाले नायब तहसीलदार नागेन्द्र त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसकी अनुशंसा कलेक्टर आशीष सिंह ने की थी। इसके साथ ही बैठकों से लगातार गायब रहने वाले बड़वानी जिले के अनुविभागीय अधिकारी बहादुरसिंह बारिया को निलंबित किया है। संभागायुक्त ने इंदौर विकास प्राधिकरण के भू-अर्जन अधिकारी सुदीप मीना को काम में लापरवाही पर आरोप पत्र दिया है।
उल्लेखनीय है कि मल्हारगंज के नायब तहसीलदार ने पटवारी के माध्यम से एक नामांतरण केस 50 लाख की रिश्वत मांगी थी। कमिश्नर दीपक सिंह ने कलेक्टर आशीष सिंह की अनुशंसा पर नायब तहसीलदार नागेन्द्र त्रिपाठी (मल्हारंगज) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही विभागीय जांच करने के आदेश दिए हैं। कलेक्टर ने नायब तहसीलदार के खिलाफ मिली शिकायत की जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की अनुशंसा की थी।
एसडीओ लगातार बरत रहे थे लापरवाही
संभागायुक्त दीपक सिंह ने मनरेगा सहित जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों की बैठक में लगातार अनुउपस्थित रहने पर बड़वानी जिले के एसडीओ बहादुरसिंह बारिया को निलंबित कर दिया है। सक्षम अधिकारी की अनुमति के बगैर बारिया बैठक में अनुपस्थित पाए गए। संभागायुक्त सिंह ने यह कार्रवाई बारिया द्वारा शासकीय कार्यों में रूचि नहीं लेने एवं कर्तव्य में निरंतर लापरवाही बरतने पर की गई। सक्षम अधिकारी के अनुसार मनरेगा की प्रति दिवस होने वाली वीडियो कांफ्रेसिंग सहित जनपद पंचायत समीक्षा बैठक में बारिया अनुपस्थित रहते थे।
भू-अर्जन अधिकारी पर लापरवाही के आरोप
संभागायुक्त ने आईडीए के भू-अर्जन अधिकारी को लापरवाही बरतने पर आरोप पत्र दिया है। इसमें कहा गया है कि मीना ने आईडीए की लैंड पुलिंग योजना के लिए कोई प्रयास नहीं किया। यहां तक कि आईडीए के सीईओ ने जब उनसे तीन महीने का प्लान मांगा तो वह भीनहीं दिया। इसके साथ ही भूमि स्वामियों से बात करने में भी लापरवाही बरती गई है। इसके अलावा मीना पर कोर्ट में पेंडिंग 75 केस की जानकारी उपलब्ध नहीं कराने के भी आरोप हैं।


