रूस-यूक्रेन युद्ध: 30 दिवसीय बिना शर्त युद्धविराम पर बनी सहमति, सोमवार से लागू
रूस-यूक्रेन युद्ध को तीन साल से अधिक समय हो चुका है और अब इस लंबे संघर्ष के थमने के संकेत नजर आ रहे हैं। अमेरिका के निरंतर प्रयासों और यूरोपीय नेताओं के हस्तक्षेप के बाद यूक्रेन ने 30 दिनों के पूर्ण, बिना शर्त युद्धविराम पर सहमति दी है। यह युद्धविराम सोमवार से प्रभावी होगा।
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यूक्रेन और सहयोगियों ने दी सहमति
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा ने घोषणा की है कि यूक्रेन और उसके सहयोगी इस अस्थायी युद्धविराम के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह निर्णय ऐसे समय पर आया है जब चार यूरोपीय देशों — फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी और पोलैंड — के शीर्ष नेता यूक्रेन पहुंचे और राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की।
यूरोपीय नेताओं की सक्रिय भूमिका
यूक्रेन की राजधानी में हुई बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर शामिल हुए। इन नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा हम अमेरिका के साथ मिलकर रूस से अपील करते हैं कि वह 30 दिनों का पूर्ण और बिना शर्त युद्धविराम स्वीकार करे, ताकि एक न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की दिशा में बातचीत की शुरुआत हो सके।”
नेताओं ने यह भी कहा कि वे युद्धविराम लागू करने और भविष्य के पूर्ण शांति समझौते की तैयारी के लिए बातचीत का समर्थन करते हैं।
रूस पर बढ़ेगा दबाव अगर युद्धविराम न माना
यूरोपीय नेताओं ने यह भी चेतावनी दी कि अगर रूस युद्धविराम के लिए तैयार नहीं होता, तो उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और बढ़ाया जाएगा और यूक्रेन को हरसंभव सहायता मिलती रहेगी। नेताओं ने कहा अब खूनखराबा बंद होना चाहिए। रूस को अपनी अवैध घुसपैठ रोकनी चाहिए और यूक्रेन को एक सुरक्षित, संप्रभु राष्ट्र के रूप में समृद्ध होने का पूरा अधिकार है।”
पिछले प्रयास और असफलताएं
मार्च में अमेरिका ने तत्काल और सीमित 30-दिवसीय युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था, जिसे यूक्रेन ने स्वीकार कर लिया था। हालांकि, रूस ने इसे अपनी शर्तों के साथ ही स्वीकार करने पर जोर दिया था, जिससे यह प्रयास विफल हो गया था।
इस बार रूस की सहमति मिलने की संभावना ज्यादा जताई जा रही है, जिससे इस लंबे युद्ध के स्थायी समाधान की उम्मीद बढ़ गई है।


