पुरी। जगन्नाथ रथयात्रा में मची भगदड़ पर ओडिशा सरकार ने सख्त फैसला लिया है। सरकार ने पुरी के जिला कलेक्टर और एसपी का ट्रांसफर कर दिया है। इसके साथ ही डीसीपी विष्णु पति और कमांडेंट अजय पाधी को ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि इस घटना में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि रविवार तड़के श्री गुंडिचा मंदिर के पास हुई भगदड़ में करीब 50 अन्य लोग घायल भी हुए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भगदड़ में मारे गए श्रद्धालुओं के परिजनों को 25 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने विकास आयुक्त की देखरेख में विस्तृत प्रशासनिक जांच के आदेश दिए हैं। सरकार ने चंचल राणा को नया जिला कलेक्टर और पिनाक मिश्रा नया एसपी बनाया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- शीतला माता मंदिर में दर्दनाक हादसा: भगदड़ में 8 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल
- राज्यसभा चुनाव का आखिरी दौर: बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर मतदान, शाम चार बजे आएंगे नतीजे
- ओडिशा में कालबैशाखी तूफान का कहर: दो लोगों की मौत, परिवारों को 4-4 लाख रुपये सहायता का एलान
- ओडिशा में बोले गृह मंत्री अमित शाह-रेड कॉरिडोर का सपना देखने वाले हो जाएंगे नाकाम, 31 मार्च तक देश नक्सलवाद से मुक्त
सीएम माझी ने मांगी क्षमा
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को पुरी में एक मंदिर के पास भगदड़ के लिए भगवान जगन्नाथ के भक्तों से क्षमा मांगी? सीएम ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मैं और मेरी सरकार सभी जगन्नाथ भक्तों से क्षमा मांगते हैं। हम भगदड़ में अपनी जान गंवाई वाले श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। महाप्रभु जगन्नाथ से प्रार्थना करते हैं कि वे उन्हें इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा चूक की जांच की जाएगी।


