तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन: जिनपिंग ने अमेरिका पर साधा निशाना, पीएम मोदी ने उठाया आतंकवाद का मुद्दा
चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का शिखर सम्मेलन शुरू हो गया है। सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाक़ात करते नज़र आए।
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शी जिनपिंग का संबोधन
अपने उद्घाटन भाषण में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका के आधिपत्यवाद पर सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा:
- “हमने कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सहयोग को लगातार बढ़ावा दिया, मतभेदों को उचित ढंग से सुलझाया और बाहरी हस्तक्षेप का स्पष्ट रूप से विरोध किया।”
- “हम हमेशा अंतरराष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय के पक्ष में खड़े हैं और आधिपत्यवाद व सत्ता की राजनीति का विरोध करते हैं।”
- “24 साल पहले एससीओ की नींव पारस्परिक विश्वास, समानता और साझा विकास की खोज पर रखी गई थी।”
- उन्होंने यह भी याद दिलाया कि एससीओ सदस्य देश सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य विश्वास-निर्माण और आतंकवाद, अलगाववाद व उग्रवाद के खिलाफ बहुपक्षीय कार्रवाई करने वाले पहले देश रहे हैं।

पीएम मोदी का संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में आतंकवाद को सबसे बड़ा ख़तरा बताया और इसके खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी गंभीर चुनौती है।



