👉 यह भी पढ़ें:
- PM Modi का बड़ा ऐलान! भारत-न्यूजीलैंड बने Strategic Partners, FTA, Direct Flights और ₹35,000 करोड़ व्यापार लक्ष्य पर ऐतिहासिक समझौता
- PM Modi in Australia: MCG से पीएम मोदी का बड़ा विजन, 2036 Olympics और New India पर दिया बड़ा संदेश!
- PM Modi Australia Visit: भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए बड़े समझौते! रक्षा, यूरेनियम, गगनयान और व्यापार पर ऐतिहासिक फैसले, क्या बदल जाएगी इंडो-पैसिफिक की ताकत?
- PM Modi Australia Visit: क्या भारत बनेगा दुनिया का नया भरोसेमंद पार्टनर? ऊर्जा संकट के बीच मेलबर्न से पीएम मोदी का बड़ा संदेश
- PM Modi Gets Indonesia’s Highest Civilian Award: इंडोनेशिया ने प्रधानमंत्री मोदी को दिया सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘Bintang Adipurna’, भारत के लिए ऐतिहासिक सम्मान
- PM Modi Indonesia Visit: जकार्ता में पीएम मोदी का शाही स्वागत, BrahMos Missile डील से लेकर रक्षा-व्यापार तक कई बड़े समझौते संभव
0:00 left
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एआई को लेकर आयोजित शिखर सम्मेलन की सह–अध्यक्षता की। पीएम मोदी ने कहा कि एआई लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है। यह पहले से ही हमारी अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज को नया आकार दे रहा है। एआई इस सदी में मानवता के लिए कोड लिख रहा है। यह मानवता के मार्ग को आकार देगा।
पीएम मोदी ने एआई की वजह से नौकरियां खत्म होने की आशंकाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि प्रौद्योगिकी के कारण काम खत्म नहीं होता, बल्कि उसकी प्रकृति बदल जाती है और नई तरह की नौकरियां सृजित होती हैं। इसलिए हमें एआई संचालित भविष्य के लिए अपने लोगों को कुशल बनाने और नए काम के तरीकों के लिए उन्हें तैयार करने में निवेश करने की जरूरत है।
ओपन सोर्स सिस्टम विकसित करने की जरूरत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें ओपन सोर्स सिस्टम विकसित करना चाहिए, जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाए। हमें पक्षपात रहित गुणवत्तापूर्ण डेटा सेंटर बनाने चाहिए, हमें प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण करना चाहिए और लोगों को केंद्रित करने वाले एप्लिकेशन बनाने चाहिए। हमें साइबर सुरक्षा, गलत सूचना और डीपफेक से संबंधित चिंताओं को दूर करना चाहिए। हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रौद्योगिकी स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में निहित हो ताकि यह प्रभावी और उपयोगी हो।
सावधानी के साथ मिलकर करें काम
प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद कर सकता है जिसमें स्थायी ऊर्जा लक्ष्यों तक पहुंचने का सफर तेज हो। इसके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पीएम मोदी ने सावधानी बरतने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि एआई हमारी राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज को बदल रहा है। इसलिए जरूरी है कि हम मिलकर काम करें।



