जापान में आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। राहत एवं बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में युद्धस्तर पर अभियान चला रहे हैं।
यह शक्तिशाली भूकंप मंगलवार दोपहर बाद जापान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित कुमामोटो (Kumamoto) क्षेत्र में महसूस किया गया। भूकंप के तेज झटकों से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और कई इलाकों में दहशत फैल गई। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।
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जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना है। प्रधानमंत्री के अनुसार, मंगलवार रात भर राहत अभियान जारी रहा और बुधवार सुबह से लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव कार्य और तेज कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बचाव दल मलबे में फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के करीब 14 घंटे बाद भी कई लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि प्रभावित इलाकों में बिजली, संचार और परिवहन सेवाएं भी बाधित हुई हैं। प्रशासन ने नागरिकों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यहां आधुनिक निर्माण तकनीकों और उन्नत चेतावनी प्रणाली के बावजूद तेज भूकंप जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद आने वाले झटकों) के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।
पूरी दुनिया की नजर अब जापान में चल रहे राहत एवं बचाव अभियान पर है। आने वाले घंटों में मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सरकार ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।



