👉 यह भी पढ़ें:
- कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भीषण भूकंप से भारी तबाही, 132 लोगों की मौत; सरकार ने देश में घोषित किया आपातकाल
- पेपर लीक पर सरकार का बड़ा कदम, कानून और सख्त करने की तैयारी
- CJP ने दी सरकार को चेतावनी, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई नहीं रुकी तो फिर से धरने पर बैठ जाएंगे
- New Medicine Rules 2026: अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी ये सिरप! सरकार के नए नियम से मेडिकल स्टोर्स में बड़ा बदलाव
- Paper Leak पर जागी सरकार, अब बिल लाने की तैयारी, 10 साल की कैद और 1 करोड़ तक का हो सकता है जुर्माना
- NEET पेपर लीक पर घिरी सरकार! राहुल गांधी के धरने के बाद बदली रणनीति, सोनम वांगचुक से मुलाकात और संसद में चर्चा पर बनी सहमति
0:00 left
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 156 दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें से ज्यादातर बुखार, जुकाम, एलर्जी और दर्द के लिए इस्तेमाल होती हैं। ये सभी दवाएं फिक्स्ड-डोज कांबिनेशन (एफडीसी) हैं। बाजार में अब ये दवाएं नहीं बिक सकेंगी। सरकार ने कहा कि ये दवाएं स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती हैं। एफडीसी उन दवाओं को कहते हैं जिन्हें दो या दो से अधिक दवाओं को निश्चित अनुपात में मिलाकर तैयार किया जाता है। इस समय बड़े स्तर पर ऐसी दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अधिकांश दवाएं दर्द निवारक
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने फार्मा कंपनियों द्वारा निर्मित दर्द की दवाओं के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले एसेक्लोफेनाक 50 एमजी + पैरासिटामोल 125 एमजी टैबलेट पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंधित एफडीसी में मेफेनामिक एसिड + पैरासिटामोल इंजेक्शन, सेट्रीजीन एचसीएल + पैरासिटामोल + फेनिलफ्रीन एचसीएल, लेवोसेट्रीजीन + फेनिलफ्रीन एचसीएल + पैरासिटामोल, पैरासिटामोल + क्लोरफेनिरामाइन मैलेट + फेनिल प्रोपेनोलामाइन और कैमिलोफिन डाइहाइड्रोक्लोराइड 25 मिलीग्राम + पैरासिटामोल 300 मिलीग्राम भी शामिल हैं। केंद्र ने पैरासिटामोल, ट्रामाडोल, टारिन और कैफीन के संयोजन पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। ट्रामाडोल दर्द निवारक दवा है। अधिसूचना के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय ने पाया कि एफडीसी दवाओं का इस्तेमाल स्वास्थ्य के खतरानाक हो सकता है। जबकि सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं। इस मामले की जांच केंद्र द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ समिति ने की गई थी।
एफडीसी से खतरा हो सकता है
औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड (डीटीएबी) ने भी इन एफडीसी की जांच की और सिफारिश की कि इन एफडीसी का कोई औचित्य नहीं है। अधिसूचना में कहा गया है, एफडीसी से खतरा हो सकता है। इसलिए जनहित में इन एफडीसी के निर्माण, बिक्री या वितरण पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है। इस सूची में कुछ ऐसी दवाएं शामिल हैं जिन्हें कई दवा निर्माताओं ने पहले ही बंद कर दिया है। पिछले साल जून में भी 14 एफडीसी पर प्रतिबंध लगाया गया था।



