केंद्र सरकार ने लगाया 156 दवाओं पर प्रतिबंध, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे थे इनका इस्तेमाल

Date:


AI Audio Companion
Ready to stream full article

0:00

0:00 left

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 156 दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें से ज्यादातर बुखार, जुकाम, एलर्जी और दर्द के लिए इस्तेमाल होती हैं। ये सभी दवाएं फिक्स्ड-डोज कांबिनेशन (एफडीसी) हैं। बाजार में अब ये दवाएं नहीं बिक सकेंगी। सरकार ने कहा कि ये दवाएं स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती हैं। एफडीसी उन दवाओं को कहते हैं जिन्हें दो या दो से अधिक दवाओं को निश्चित अनुपात में मिलाकर तैयार किया जाता है। इस समय बड़े स्तर पर ऐसी दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।

अधिकांश दवाएं दर्द निवारक

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने फार्मा कंपनियों द्वारा निर्मित दर्द की दवाओं के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले एसेक्लोफेनाक 50 एमजी + पैरासिटामोल 125 एमजी टैबलेट पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंधित एफडीसी में मेफेनामिक एसिड + पैरासिटामोल इंजेक्शन, सेट्रीजीन एचसीएल + पैरासिटामोल + फेनिलफ्रीन एचसीएल, लेवोसेट्रीजीन + फेनिलफ्रीन एचसीएल + पैरासिटामोल, पैरासिटामोल + क्लोरफेनिरामाइन मैलेट + फेनिल प्रोपेनोलामाइन और कैमिलोफिन डाइहाइड्रोक्लोराइड 25 मिलीग्राम + पैरासिटामोल 300 मिलीग्राम भी शामिल हैं। केंद्र ने पैरासिटामोल, ट्रामाडोल, टारिन और कैफीन के संयोजन पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। ट्रामाडोल दर्द निवारक दवा है। अधिसूचना के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय ने पाया कि एफडीसी दवाओं का इस्तेमाल स्वास्थ्य के खतरानाक हो सकता है। जबकि सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं। इस मामले की जांच केंद्र द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ समिति ने की गई थी।

एफडीसी से खतरा हो सकता है

औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड (डीटीएबी) ने भी इन एफडीसी की जांच की और सिफारिश की कि इन एफडीसी का कोई औचित्य नहीं है। अधिसूचना में कहा गया है, एफडीसी से खतरा हो सकता है। इसलिए जनहित में इन एफडीसी के निर्माण, बिक्री या वितरण पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है। इस सूची में कुछ ऐसी दवाएं शामिल हैं जिन्हें कई दवा निर्माताओं ने पहले ही बंद कर दिया है। पिछले साल जून में भी 14 एफडीसी पर प्रतिबंध लगाया गया था।

Ardhendu Bhushan - Consulting Editor
Ardhendu Bhushan - Consulting Editorhttp://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

एससीओ में पीएम मोदी: आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंड खत्म हों

एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंड खत्म करने की अपील की। उन्होंने आतंकवाद के इकोसिस्टम को नष्ट करने पर जोर दिया।

गोवा-दिल्ली इंडिगो फ्लाइट की मोपा एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग

गोवा-दिल्ली फ्लाइट के इंजन की खराबी से मोपा एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित।

आरजीपीवी को तीन क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों में बांटा जाएगा, कैबिनेट की बैठक में कई फैसले

आरजीपीवी का विभाजन, तीन क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों में होगा। कैबिनेट ने इस फैसले की मंजूरी दी।

महू इन्फैंट्री स्कूल के 78वें स्थापना दिवस पर वीरों को नमन

महू इन्फैंट्री स्कूल के 78वें स्थापना दिवस पर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह संस्थान भारतीय सेना के लिए रणनीतिक प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र है।

मध्य प्रदेश: बिना बीमा वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

मध्य प्रदेश में 'नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल' नीति लागू। बिना बीमा वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा।

एमपी में भारी बारिश की चेतावनी, सतना में मंदाकिनी उफान पर

सतना में मंदाकिनी नदी उफान पर, रामघाट और भरतघाट जलमग्न। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया।

मध्य प्रदेश में 9 साल बाद छात्र संघ चुनाव, जानें क्यों थे रुके

मध्य प्रदेश में 9 साल बाद छात्र संघ चुनाव होंगे। जानें क्यों रुके थे ये चुनाव और अब कैसे होंगे।

इंदौर में सेमी-कंडक्टर उद्योग को मिलेगा बढ़ावा, निवेश के लिए आमंत्रण

इंदौर में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 'मध्य प्रदेश-सेमीकॉन' का आयोजन होगा।

इंदौर में H1N1 का दूसरा केस, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

इंदौर में स्वाइन फ्लू का दूसरा मामला सामने, स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की। जानें संक्रमण की स्थिति।

राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए भाजपा नगर अध्यक्ष ने पटवारी को लिखा पत्र, सुझाए कई स्थान

राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम के लिए भाजपा अध्यक्ष ने सुझाए स्थान। कांग्रेस की तैयारियों के बीच पत्र लिखा।