आप देश की सबसे पुरानी पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हो। वर्तमान में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हो। देश की जनता ने आपको सम्मानजनक सांसद भी दिए। यह सब बिना मीडिया सपोर्ट के कैसे संभव था राहुलजी। इसके बाद भी आप जब देखो तब मीडिया को कोसते रहते हो। क्या आप बता सकते हो कि आपकी किस प्रेस कान्फ्रेंस या सभा का मीडिया ने आज तक बहिष्कार किया है? या फिर आपकी कौन सी खबर या बयान मीडिया की सुर्खियों में नहीं आया है?
आज आपने महू में क्या कहा? जरा अपना कहा एक बार फिर सुन लीजिएगा। आपने साफ-साफ कहा कि ये मीडिया अंबानी-अडाणी की है। आप अपने प्रदेश अध्यक्ष से अपनी सभा के कवरेज के सारे वीडियो, वेब लिंक, अखबारों की कतरन मंगा लीजिए। शायद आपको अपने कहे पर शर्म आाए। आज के कार्यक्रम की बात छोड़ दीजिए, इसकी तैयारियों की खबरों को भी मीडिया ने खूब जगह दी है।
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राहुलजी, आप भाजपा का मुकाबला नहीं कर पा रहे हो? विपक्षी दल ही नहीं आपके इंडिया गठबंधन के लोग भी आपको अपरिपक्व नेता मानते हैं। आपके नेतृत्व पर कांग्रेस में भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। आप कई राज्य अपने हाथ से गंवा चुके हैं और कई दल आपसे किनारा कर चुके हैं। दिल्ली में ही ‘आप’ ने आपका हाथ छोड़ दिया। महाराष्ट्र में आपने पूरी ताकत लगाने के बाद भी विपक्ष का इतना बुरा हाल किया कि अब विपक्षी क्षत्रप पानी मांगने लायक भी नहीं बचे। इन सबका फ्रस्ट्रेशन आपको मीडिया पर क्यों निकालते हो?
राहुलजी, एक बार अपनी मां सोनिया गांधी या राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से पूछिएगा कि अंबानी को देश में किसने पैदा किया? एक मामूली सी नौकरी करने वाला आदमी देश का सबसे बड़ा उद्योगपति कैसे बना? जब यही मीडिया यानी इंडियन एक्सप्रेस ने आपकी करतूतों को उजागर करना शुरू किया था तो आपने सारी हदें पार कर उसका मुंह बंद करने की कोशिश की थी। इसके अलावा सबसे बड़ा उदाहरण तो आपकी दादी स्व.इंदिरा गांधी रही हैं, जिन्होंने इमरजेंसी लगाकर मीडिया में एक तरह से लॉकडाउन लगा दिया था।
राहुलजी, सच तो यह है कि आपको अगर मीडिया का साथ नहीं मिलता तो आज आप खुलेआम हमें इस तरह नहीं कोस रहे होते। आप मीडिया पर अंकुश की बात करते हो, अगर मीडिया पर अंकुश होता तो आपका कहा एक शब्द भी जनता के सामने नहीं पहुंच पाता।
राहुलजी, आप भाजपा पर वार करो, आपका धर्म है। आप भाजपा पर वार करने के लिए अंबानी-अडाणी पर वार करो यह भी आपका धर्म है, लेकिन मीडिया को बार-बार निशाने पर लेना आपका फ्रस्ट्रेशन है।
एक बात और यह सब लिखने पर आप यह मत कह देना कि भाजपा के इशारे पर लिखा गया है। हम मीडिया हैं। न भाजपा के हैं, न कांग्रेस के और न अंबानी-अडाणी के। सच दिखाना हमारा काम है और हमने सच ही आपको दिखाने की कोशिश की है। अब आप आंख पर पट्टी बांध लो तो अलग बात है…



