नई दिल्ली। केंद्र सरकार संसद में विशेष सत्र बुलाकर नारी शक्ति बिल लाने जा रही है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबी दलों को एक चिट्ठी लिखी थी। अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार जल्दबाजी में इस कानून को लागू कर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है।
खड़गे ने अपने पत्र में कहा कि राज्य चुनावों के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाना कई सवाल खड़े करता है। उनका मानना है कि इससे यह संदेश जाता है कि सरकार महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए कहा कि इतने अहम मुद्दे पर जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस विशेष सत्र को बुलाने से पहले विपक्षी दलों से कोई चर्चा नहीं की। उन्होंने कहा कि सरकार सहयोग मांग रही है, लेकिन जरूरी जानकारी साझा नहीं कर रही। खड़गे ने मांग की है कि 29 अप्रैल के बाद सभी दलों की बैठक बुलाई जाए, ताकि महिला आरक्षण कानून और उससे जुड़े परिसीमन पर विस्तार से चर्चा हो सके। उनका कहना है कि यह फैसला सिर्फ केंद्र ही नहीं, राज्यों को भी प्रभावित करेगा, इसलिए सभी पक्षों की राय लेना जरूरी है। खड़गे ने अपने पत्र में सरकार के पिछले फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि नोटबंदी, जीएसटी और जनगणना जैसे मुद्दों पर भी पर्याप्त संवाद नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि ऐसे रिकॉर्ड के कारण सरकार पर भरोसा करना मुश्किल हो जाता है और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होते हैं।



