कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा का संकल्प पत्र जारी कर दिया। इसमें महिलाओं और युवा बेरोजगारों को हर महीने तीन हजार रुपए देने का वादा किया गया है। इसके साथ ही 6 महीने में यूसीसी कानून लागू करना और सरकारी कर्मचारियों को 45 दिन में सातवां वेतनमान देने का संकल्प भी है।
अमित शाह ने घोषणापत्र जारी करते हुए कई बड़े वादे किए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाएगी और जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी। इसके तहत घुसपैठियों की पहचान करना, उनका नाम हटाना और उन्हें वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी यानी डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करने का काम करेंगे। अमित शाह ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता यानी डीए सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने वादा किया कि सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएग।. महिलाओं को लेकर भी उन्होंने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हर महीने महिलाओं के बैंक खाते में 3 हजार रुपये दिए जाएंगे, ताकि उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके। भाजपा के संकल्प पत्र में शाह ने पश्चिम बंगाल में आयुष्मान योजना लागू करने का वादा भी किया है। इसके साथ ही उन्होंने युवा बेरोजगारों को हर महीने तीन हजार रुपए भत्ता देने का ऐलान भी किया।
शाह ने कहा-राज्य में परिवर्तन की भावना
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता अब मन से बदलाव चाहती है और राज्य में परिवर्तन की भावना साफ दिखाई दे रही है। पिछले 10 सालों में बीजेपी ने एक मजबूत और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन का उदाहरण पेश किया गया है, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा है। भारत, जो पहले कई मामलों में पीछे माना जाता था, आज मोदी सरकार के नेतृत्व में दुनिया के सामने एक मजबूत और आगे बढ़ने वाला देश बनकर उभरा है। शाह ने कहा कि पहले ही बंगाल की जनता के सामने एक चार्जशीट रखी थी, जिसमें पिछले 15 सालों की सरकार को लेकर निराशा की बात कही गई थी। अब पार्टी का संकल्प पत्र लोगों के भरोसे का प्रतीक बनेगा और इसमें राज्य को निराशा से बाहर निकालने का पूरा रोडमैप दिया गया है।
कोलकाता के विकास के वादे भी किए
भाजपा ने कोलकाता के विकास को लेकर भी योजना पेश की है। मेट्रो नेटवर्क का पूरा विस्तार किया जाएगा, पुलों को मजबूत करने का समयबद्ध कार्यक्रम चलेगा और बंदरगाहों, खासकर हल्दिया पोर्ट का बड़े स्तर पर विकास किया जाएगा। व्यापार को आसान बनाने के लिए नई नीतियां लाई जाएंगी और सिंडिकेट सिस्टम को खत्म करने का वादा किया गया है।


