कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे का पीएम मोदी पर निशाना, कहा-56 इंच का सीना अब छोटा हो गया

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नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। खड़गे ने कहा कि जब पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई और इस पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, तब प्रधानमंत्री उसमें शामिल नहीं हुए।उनका 56 इंच का सीना अब छोटा हो गया है।

जयपुर में आयोजित संविधान बचाओ रैली को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा कि देश का दुर्भाग्य है कि जब देश की शान पर हमला हुआ, तब पीएम बिहार में चुनावी भाषण दे रहे थे। सभी दलों के नेता बैठक में आए, लेकिन प्रधानमंत्री नहीं आए। क्या बिहार दूर था? उन्हें आना चाहिए था और योजना के बारे में बताना चाहिए था कि उन्हें हमसे किस तरह की मदद चाहिए। खड़गे ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि पीएम मोदी ने महंगाई और बेरोजगारी दी। ऐसे लोग देश को कमजोर करते हैं। उनका 56 इंच का सीना अब छोटा हो गया है। खरगे ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने तय किया है कि इस मामले में वे सरकार का समर्थन करेंगे क्योंकि देश सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि देश पहले आता है, फिर पार्टी और धर्म।

झूठे मुकदमे लगाकर लोकतंत्र को कर रहे कमजोर

खड़गे ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये देश बांटने की बात करते हैं, जबकि कांग्रेस देश जोड़ने की बात करती है। इस देश में संविधान सबसे बड़ा है और हमारा लोकतंत्र संविधान के अनुसार चलता है। सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर भी खड़गे ने सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस आगे बढ़ती है, ये लोग उसे दबाने की कोशिश करते हैं। हम दबने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने विरोधियों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, लेकिन झूठे मुकदमे चलाकर वे लोकतंत्र को कमजोर नहीं कर सकते।

Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)
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Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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इंदौर। मध्यप्रदेश टूरिज्म का एक स्लोगन है- एमपी अजब है सबसे गजब है। हालांकि इसे एमपी के प्रचार के लिए बनाया गया है, लेकिन कई सरकारी विभाग इसे सच साबित करने में जुटे रहते हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया का है, जिन्हें पद से हटाने और सारी सुविधाएं बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया है। खास बात यह कि जिस विभाग ने यह आदेश जारी किया है, उसके मंत्री अपने इंदौर के कैलाश विजयवर्गीय हैं। 15 अप्रैल 2023 को इंदौर के भाजपा नेता करोसिया को मध्यप्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। यह कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त पद है। 19 अप्रैल 2023 को करोसिया ने पदभार ग्रहण किया था। प्रताप करोसिया के अनुसार आदेश में लिखा था कि पद ग्रहण की अवधि से आगामी आदेश तक यह नियुक्ति मान्य होगी। इसी बीच  नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग संचालनालय ने 13 अप्रैल 2026 को एक आदेश जारी कर दिया। इसमें लिखा है कि अध्यक्ष पद की अवधि तीन वर्ष यानी 14 अप्रैल को समाप्त हो गई है। इसके बाद प्रताप करोसिया को शासन स्तर से दी गई सुविधाओं को समाप्त माना जाए। इस आदेश पर राज्य सफाई कर्मचारी आयोग की सचिव के तौर पर बबीता मरकाम के हस्ताक्षर हैं। करोसिया ने कहा-सचिव को पत्र लिखने का अधिकार नहीं जब प्रताप करोसिया को यह पता चला तो वे भी दंग रह गए। उनका कहना है कि उनकी नियुक्ति मध्यप्रदेश सरकार के आदेश पर हुई थी। इसमें साफ-साफ लिखा है कि आगामी आदेश तक पद पर बने रहेंगे। इसमें तीन वर्ष का कहीं जिक्र नहीं है। करोसिया ने कहा कि जिस सचिव ने पत्र जारी किया है, उसे इसका अधिकार नहीं है। पत्र में जिस 2008 के नियम का हवाला दिया है वह भी सरकार का नियम है। 11 सितंबर 2017 को सरकार ने 2008 के नियम को भी खारिज करते हुए एक अध्यक्ष दो उपाध्यक्ष और छह सदस्य बना दिए। करोसिया का कहना है कि जिस नियम का हवाला दिया गया है वह एक आदेश है कोई एक्ट नहीं। पत्र जारी करने वाले को निलंबित करने की मांग प्रताप करोसिया ने इस संबंध में सीएम डॉ.मोहन यादव को 13 अप्रैल 26 को एक पत्र लिखा है। इसमें लिखा है कि राज्य शासन के आदेश के बगैर संचानालय के अपर आयुक्त तथा सचिव बबिता मरकाम ने अवैध आदेश जारी कर दिया है। इसलिए इनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाए। साथ ही कोर्ट से स्टे भी ले लिया है। उन्होंने इसे राज्य शासन की गरिमा पर हमला बताया है। करोसिया ने कहा कि उन्होंने इस पत्र को कोर्ट में चुनौती दी है, कहा कि नियुक्ति का आदेश सरकार एवं मंत्रालय से हुआ है, जबकि कार्यकाल समाप्ति का आदेश एक विभाग की ओर से जारी कर दिया गया। करोसिया का कहना है कि यह पत्र जारी करने के पीछे शासन की छवि धूमिल करने की मंशा है। बड़ा सवाल-मंत्रीजी के रहते ऐसा कैसे हो गया? इस आदेश के बाद भाजपा में इस बात की चर्चा हो रही है आखिर यह आदेश किसके इशारे पर आया। चूंकि नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के ही हैं। ऐसे में इंदौर के एक भाजपा नेता के साथ ऐसा खेला कैसे हो गया? भाजपा के नेता ही कह रहे हैं कि शायद मंत्रीजी को इस पद पर अपने किसी और समर्थक को बिठाना होगा। फिलहाल मामला उलझा हुआ है और प्रताप करोसिया ने तथ्यों सहित पूरी जानकारी सीएम को भेज दी है। अब देखना है कि इस मामले में क्या फैसला होता है?