अप्रैल के महीने में भी मौसम ने करवट बदलते हुए सर्दियों जैसा एहसास करा दिया है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश व तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन जनजीवन प्रभावित हो गया है।
जम्मू और कश्मीर के नत्थाटॉप और कठुआ में बर्फबारी देखने को मिली। हिमकोटि के पास पत्थर गिरने की घटना के चलते वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा अर्द्धकुंवारी से भवन तक कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी। वहीं जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग दो दिन बंद रहने के बाद शाम को फिर खोल दिया गया।
हिमाचल प्रदेश में शिकारी देवी और रोहतांग टनल के आसपास बर्फबारी से सर्दियों जैसा माहौल बन गया है। उत्तराखंड में बदरीनाथ से औली तक बर्फ की चादर बिछ गई है, जबकि केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम भी पूरी तरह बर्फ से ढके हुए हैं। इससे यात्रा की तैयारियों पर असर पड़ा है।
मैदानी इलाकों में भी हालात अलग नहीं हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, झारखंड और मध्य प्रदेश में लगातार बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का असर देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाएं 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं, जिससे पेड़ों और बिजली लाइनों को नुकसान होने की आशंका है। कुल मिलाकर अप्रैल में मौसम का यह बदला मिजाज लोगों के लिए राहत के साथ-साथ चुनौती भी बन गया है।


