देश में चार वर्षों बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। केंद्र सरकार द्वारा शुक्रवार को ईंधन दरों में वृद्धि के फैसले के बाद आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 3 रुपये 14 पैसे की बढ़ोतरी की गई है, जबकि डीजल 3 रुपये 11 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। इसके साथ ही संपीड़ित प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी 2 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
नई दरें लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 97 रुपये 77 पैसे प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल अब 90 रुपये 67 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है। कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर देश के लगभग सभी बड़े शहरों में दिखाई दे रहा है।
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चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 2 रुपये 83 पैसे बढ़कर 103 रुपये 67 पैसे प्रति लीटर तक पहुंच गई है। वहीं मुंबई में पेट्रोल अब 106 रुपये 68 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है, जहां कीमतों में 3 रुपये 14 पैसे की बढ़ोतरी हुई है।
बिहार में भी ईंधन दरों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। यहां पेट्रोल की कीमत पहले 105 रुपये 23 पैसे प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 108 रुपये 55 पैसे हो गई है। यानी एक लीटर पेट्रोल पर उपभोक्ताओं को 3 रुपये 32 पैसे अधिक चुकाने पड़ेंगे।
कोलकाता में भी पेट्रोल की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां अब एक लीटर पेट्रोल के लिए लोगों को 108 रुपये 74 पैसे चुकाने होंगे, जो पहले के मुकाबले 3 रुपये 29 पैसे अधिक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ते आयात खर्च के कारण सरकार ने यह फैसला लिया है। हालांकि इस बढ़ोतरी के बाद परिवहन से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं तक की कीमतों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ईंधन की कीमतों में अचानक हुई इस वृद्धि के बाद आम जनता में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि पहले से बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर और दबाव पड़ेगा।


