प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर शनिवार को एक बैठक की। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी शामिल रहे? यह मीटिंग ऐसे समय में हुई जब भारत ने पाकिस्तान के ड्रोन हमलों को पूरी तरह से नाकाम कर दिया है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को इस दौरान पाकिस्तान के जरिए किए गए हमले, भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई और सैन्य तैयारियों की पूरी जानकारी दी गई। पिछले 24 घंटे में प्रधानमंत्री मोदी की सेना प्रमुखों और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ यह दूसरी और महत्वपूर्ण बैठक है।
सरकार के शीर्ष सूत्रों की ओर से बताया गया है कि भविष्य में किसी भी आतंकवादी कार्रवाई को भारत के खिलाफ युद्ध कार्रवाई माना जाएगा। इसी के साथ ऐसी किसी भी कार्रवाई का उसी के हिसाब से जवाब दिया जाएगा। सरकार के फैसले से साफ हो चुका है कि अगर पाकिस्तान की ओर से किसी भी तरह के आतंकी हमले को भारत में अंजाम दिया जाता है तो उसे युद्ध मानते हुए इसका उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।
इससे पहले भारतीय सेना की ओर से शनिवार को कहा गया कि उसने पश्चिमी सीमा पर ड्रोन, लंबी दूरी के हथियारों एवं लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर अन्य इलाकों और सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर खतरे पैदा करने की पाकिस्तान की उकसावे वाली कार्रवाई को प्रभावी ढंग से नाकाम कर दिया है।


