भोपाल। आरटीओ के करोड़पति पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा से लोकायुक्त पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। इस दौरान कई खुलासे भी हो रहे हैं। सौरभ ने संपत्तियों की खरीद-बिक्री के लिए अविरल कंस्ट्रक्शन नाम से एक कंपनी बना रखी थी। इसकी आड़ में वह रिश्तेदारों के नाम पर संपत्ति खरीदता था।
सूत्र बताते हैं कि भोपाल के लोकायुक्त कार्यालय में शनिवार को शरद और चेतन से साढ़े तीन घंटे पूछताछ की गई। प्रथम तल पर बने डीएसपी के चैम्बर में शरद और चेतन ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। कोर्ट के आदेश के अनुसार शनिवार की दोपहर को तीनों का मेडिकल चेकअप हमीदिया अस्पताल में कराया गया है। इसी पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने अविरल कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम पर संपत्तियों की खरीद-बिक्री की है।
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लोकायुक्त के अधिकारी ने शरद को डॉक्यूमेंट दिखाए और जवाब मांगा कि यह संपत्ति किसकी है। उसने जवाब दिया कि संपत्ति सौरभ की है। मेरे नाम का सिर्फ इस्तेमाल किया है। रजिस्ट्री जरूर मेरे नाम कराई जाती थी, बाद में पावर अन्य व्यक्ति के नाम करा दिए जाते थे। जिससे मैं संपत्ति पर स्वामित्व अधिकार न जताने लगूं। बता दें कि, यह तीन संपत्तियां थीं, तीनों भोपाल की अलग–अलग पॉश लोकेशन पर हैं और इनकी कीमत करीब 17 करोड़ रुपए है।
अविरल कस्ट्रक्शन के नाम पर खेल
बताया जाता है कि सौरभ शर्मा ने पूछताछ में बताया कि चेतन गौर के नाम से अविरल कंस्ट्रक्शन कंपनी खोली थी और इसी कंपनी के नाम पर पूरा खेला चल रहा था। इस कंपनी में शरद जयसवाल और रोहित तिवारी भी शामिल थे। अविरल कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम पर ही पेट्रोल पंप और बाकी प्रापर्टी हैं। इसके अलावा करोड़ों की प्रोपर्टी खरीदी के कागजात भी मिले हैं।
लोकायुक्त ने रजिस्ट्रार को लिखा पत्र
बताया जाता है कि लोकायुक्त पुलिस ने रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर सौरभ शर्मा की प्रापर्टी के खरीदने और बेचने पर रोक लगाने की मांग की है। लोकायुक्त की टीम सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों के नाम की प्रापर्टी की भी जानकारी जुटा रही है। रिश्तेदारों की संपत्तियों को बेचने पर भी रोक लगाने की तैयारी है।



