ऐतिहासिक फैसलों का साक्षी बनेगा राजवाड़ा, कैबिनेट की बैठक की तैयारियों में लगे अफसर, देवी अहिल्या के सुशासन पर लगेगी प्रदर्शनी

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इंदौर। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर इंदौर में 20 मई को एक ऐतिहासिक क्षण आ रहा है। मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की विशेष बैठक इस दिन इंदौर के गौरव स्थल राजवाड़ा में आयोजित की जाएगी। यह पहला अवसर होगा जब प्रदेश मंत्रिमंडल, ऐतिहासिक विरासत से युक्त इस भव्य स्थल पर एकत्रित होकर जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण नीतियों पर मंथन करेगा। इस बैठक की तैयारियों में अफसर और सरकारी विभाग जुट गए हैं, लेकिन राजनीतिक रूप से कोई हलचल दिखाई नहीं दे रही है।
आज संभागायुक्त दीपक सिंह, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित सिंह तथा मनोज श्रीवास्तव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने आयोजन स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए की सभी व्यवस्थाएं गरिमा के अनुरूप समय सीमा में सुनिश्चित की जाय।
पारंपरिक शैली में सज रहा राजवाड़ा
राजवाड़ा को मां देवी अहिल्या बाई होलकर की स्मृति में पारंपरिक शैली और आधुनिक साज-सज्जा से सजाया जा रहा है। भवन के भीतर और बाहर मालवी संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। प्रकाश, पुष्प एवं पारंपरिक सजावट का संयोजन इसे एक अलग विशेष स्वरूप प्रदान करेगा।
देवी अहिल्या को नमन के बाद शुरू होगी बैठक
बैठक का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं समस्त मंत्रीगण द्वारा माँ देवी अहिल्याबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण से होगा। इसके उपरांत वे राजवाड़ा में प्रवेश करेंगे, जहाँ भूतल पर मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में प्रदेश के विकास, जनकल्याण, सुशासन से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा संभावित है।
मालवी परंपरा में होगा स्वागत और भोजन
आयोजन में आने वाले समस्त अतिथियों के स्वागत-सत्कार की व्यवस्था मालवी परंपरा के अनुरूप की जा रही है। बैठक के उपरांत प्रथम तल पर पारंपरिक मालवी भोज का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय व्यंजन विशेष रूप से दाल-बाटी, दही बड़ा, मावा बाटी आदि परोसे जाएंगे।
सुरक्षा की चाकचौबंद व्यवस्था
राजवाड़ा परिसर में अस्थायी सचिवालय की स्थापना की जा रही है, जहां बैठक के संबंध में सभी प्रशासनिक गतिविधियाँ संचालित होंगी। सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस दल तैनात किया जा रहा है। परिवहन, आवास और सुरक्षा की सभी व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। लाइजनिंग अधिकारियों की नियुक्ति मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग हेतु की गई है।
सुशासन पर आधारित प्रदर्शनी
इस ऐतिहासिक बैठक के साथ-साथ विविध प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें एक खंड देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी का होगा। इसमें लोकमाता के त्याग, सेवा, प्रशासनिक दक्षता, धार्मिक सहिष्णुता और समाज कल्याण के विविध दृश्य चित्रों और अन्य माध्यमों के जरिए प्रस्तुत किए जाएंगे।
राज्य शासन की योजनाओं भी प्रदर्शित होंगी
इस खंड में प्रदेश सरकार द्वारा लोकमाता के सिद्धांतों जैसे सुशासन, न्यायप्रियता, महिला सशक्तिकरण, लोकसेवा और जनकल्याण पर आधारित योजनाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही इंदौर के विकास पर आधारित अन्य चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
इंदौर के लिए यह ऐतिसाहिक पल
इंदौरवासियों के लिए यह केवल एक प्रशासनिक बैठक नहीं, बल्कि अपनी विरासत पर गर्व करने का अनुपम अवसर है। देवी अहिल्या की नगरी एक बार फिर नया इतिहास रचने को तैयार है। इस ऐतिहासिक क्षण पर राजनीतिक रूप से कोई हलचल नहीं है। माना कि यह पूरी तरह सरकारी आयोजन है, लेकिन भाजपा कम से कम इस पल को भुना तो सकती है।

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