मोहन कैबिनेट का पेंशनरों को तोहफा, महंगाई राहत में दो प्रतिशत की वृद्धि का ऐलान, मधु वर्मा की जान बचाने वाले आरक्षक को पदोन्नति

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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को भोपाल में हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के पेंशनरों की महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि करने का ऐलान किया गया। इससे डेढ़ लाख पेंशनरों को फायदा होगा। इसके साथ ही सोयाबीन उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए भावांतर योजना का अनुसमर्थन किया गया। भावंतर योजना में यह प्रविधान किया गया है कि यदि मंडी में कृषक की उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर बिकती है तो फिर सरकार उसे अंतर की राशि का भुगतान करेगी।

बैठक के बाद बताया गया कि सोयाबीन का एमएसपी 5328 रुपए है। मार्केट का रेट कई बार एमएसपी से कम होता है। कुछ स्थानों पर मंडियों में रेट कम है। इसलिए एमएसपी का ही भाव मिले, इसलिए भावांतर योजना प्रारंभ की है। किसान से किसी भी रेट में खरीदें। प्रदेश की सभी मंडियों का माडल रेट निकालेंगे और कम रेट में सोयाबीन बिकता है तो माडल रेट और खरीद के बीच की राशि का भुगतान राज्य सरकार भावांतर के रूप में करेगी। बैठक में सीएम यादव ने कहा कि किसानों का किसी भी स्थिति में नुकसान नहीं होने देंगे। 500 से 700 या फिर 1000 क्विंटल भी अगर किसानों को भावांतर के रूप में देना होगा तो सरकार देगी।

मधु वर्मा की जान बचाने वाले आरक्षक को पदोन्नति

मोहन यादव कैबिनेट ने डेढ़ लाख पेंशनर्स को पेंशन एवं परिवार पेंशन में छठे और सातवें वेतनमान पर महंगाई राहत राशि बढ़ाने की मंजूरी दी है। वहीं किसानों को सोयाबीन पर मार्केट रेट से कम कीमत मिलने पर लागू होने वाली भावांतर योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत किसानों को एमएसपी और मंडी रेट के बीच की कमी का भुगतान राज्य सरकार करेगी।

मोटे अनाजों के लिए श्रीअन्न फेडरेशन

मोटे अनाज को प्रोत्साहित करने के लिए श्रीअन्न फेडरेशन बनाने का निर्णय लिया गया। यह किसानों को केवल मोटा अनाज की खेती के लिए प्रेरित करेगा बल्कि उपज की बिक्री, ब्रांडिंग के लिए भी काम करेगा। यह कोदोकुटकी की वेल्यू एडिशनल के लिए काम करेगी। सही मूल्य मिले, इसके लिए 80 करोड़ रुपए की राशि बिना ब्याज दी है। फेडरेशन की ओर से प्रमोशन और मार्केटिंग के लिए राशि दी गई है।

कोदोकुटकी की खेती को प्रोत्साहन

बैठक में फैसला लिया गया कि रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना अंतर्गत कोदो, कुटकी उत्पादक जिले जबलपुर कटनी मंडला डिंडौरी छिंदवाड़ा शहडोल अनूपपुर उमरिया रीवा सीधी और सिंगरौली के किसानों से कोदो कुटकी का उपार्जन किया जाएगा। खरीफ 2025 में उत्पादित कुटकी के लिए 3500 रुपये आप प्रति क्विंटल और कोदो के लिए 2500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है। उपार्जन लक्ष्य 30000 टन का रखा गया है। इसके अतिरिक्त किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 1000 रुपये प्रति क्विंटल के मन से राशि दी जाएगी। सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार ने प्रदेश को 105 करोड रुपये देने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम को प्रदेश में लागू करने की सैद्धांतिक सहमति दी गई है। राज्य सरकार अपनी ओर से 30 करोड़ रुपये लगाएगी।

बैठक में कई अन्य फैसले भी हुए

केंद्रीय क्षेत्र योजना सिल्क समग्र 2 में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। पहले रेशम के लिए 3.65 लाख प्रति एकड़ लागत मूल्य था जिसे अब 5 लाख

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