इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय को सुप्रीम कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक, कोर्ट में पेश किया माफीनामा

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर कार्टून बनाकर विवादों में आए इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट ने पुलिस को अगले आदेश तक मालवीय को गिरफ्तार नहीं करने का आदेश दिया है। उनकी जमानत पर अगली सुनवाई अब 15 अगस्त के बाद होगी।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की डबल बेंच ने मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका पर तत्काल राहत देने से मना कर दिया था। उन्हें माफी मांगने के लिए मंगलवार तक का समय दिया गया था। हेमंत मालवीय हाईकोर्ट इंदौर से राहत नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। सुनवाई के दौरान मालवीय की एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट के समक्ष उनका माफीनामा पेश किया। उन्होंने कहा- व्यक्ति किसी चीज के बारे में आलोचनात्मक राय रख सकता है, यह कोई अपराध नहीं है। इस बीच एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने कुछ स्क्रीन शॉट भी कोर्ट के समक्ष रखे। इस पर आपत्ति लेते हुए एडवोकेट ग्रोवर ने कहा- ये सब इस एफआईआर से संबंधित नहीं है। नटराज ने कहा कि जिस तरह से कार्टूनिस्ट मालवीय ने यह किया है, वह साफ तौर पर एक अपराध है। वह किसी भी तरह की रियायत के हकदार नहीं हैं। मालवीय की वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि मालवीय ने 2025 में इस तरह के कार्टून नहीं बनाए और एफआईआर दर्ज होने के बाद तो बिलकुल नहीं।

संघ को पीएम के सामने झुका दिखाया था

हेमंत मालवीय के जिस कार्टून पर विवाद चल रहा है। उसमें उन्होंने संघ की यूनिफॉर्म पहने एक व्यक्ति को प्रधानमंत्री के सामने झुके हुए दिखाया है। जिसके शॉर्ट्स नीचे खींचे हुए हैं और उसका निचला हिस्सा दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री को गले में स्टेथोस्कोप लटकाकर हाथ में इंजेक्शन लिए दिखाया गया है।

Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)
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इंदौर। सिनेमाघरों में आज यानी शुक्रवार 17 अप्रैल को अक्षय कुमार की बहुप्रतीक्षित फिल्म भूत बंगला ने दस्तक दी, वहीं हॉलीवुड की हॉरर-साइकोलॉजिकल थ्रिलर  ’द ममी’ भी रिलीज हो रही है। इन दोनों भूतों ने आज से सिनेमाघरों पर कब्जा जमा लिया है। डर के साथ हंसी का भी तड़का लगा रही भूत बंगला इस फिल्म से सबसे सफल और लोकप्रिय निर्देशक-अभिनेता जोड़ी प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की वापसी हुई है, इसलिए प्रशंसक इस जोड़ी को एक बार फिर हॉरर-कॉमेडी शैली में कमाल करते देखने के लिए उत्साहित हैं। फिल्म दुनिया भर में रिलीज हो चुकी है और दर्शकों की शुरुआती प्रतिक्रिया अच्छी है। जैसा कि नाम से पता चलता है, भूत बंगला की कहानी एक सुनसान घर के इर्द-गिर्द घूमती है जो बुराई और भय का केंद्र बन जाता है। बॉलीवुड हॉरर फिल्मों में भूतिया घर हमेशा से एक महत्वपूर्ण विषय रहा है, लेकिन यह फिल्म हर फ्रेम में डरावने दृश्यों के साथ-साथ हास्य का भी तड़का लगाती है। फिल्म देखने में मजेदार है। अक्षय, राजपाल यादव और परेश रावल के बीच के दृश्य बेहतरीन ढंग से फिल्माए गए हैं। फिल्म का पहला भाग बेहद मजेदार है, लेकिन दूसरे भाग में इसकी लय बिगड़ जाती है। तकनीकी रूप से फिल्म काफी कमजोर है और कुछ जगहों पर इसकी छायांकन और संवाद प्रस्तुति में भी कमी है। भारतीय हॉरर कहानियों में महिला भूत मुख्य विषय रहे हैं। कहानी का विचार प्रचलित है और हमने हिंदी सिनेमा में ऐसी कई हॉरर कहानियां पहले भी देखी हैं, लेकिन इसका प्रस्तुतीकरण नया है और अक्षय अपने दमदार कॉमेडी अंदाज से अपने प्रशंसकों को खुश करते हैं। यह एक बार देखने लायक अच्छी फिल्म है, बस इससे कुछ असाधारण और अनोखा होने की उम्मीद न करें, क्योंकि यह विशुद्ध मनोरंजन है। बेहद डरावनी और खौफनाक है द ममी यह एक हॉरर, मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है जिसे आयरिश निर्देशक ली क्रोनिन ने निर्देशित किया है, जिन्होंने इससे पहले इसी शैली में "द होल इन द ग्राउंड" और "ईविल डेड राइज़" जैसी फिल्में निर्देशित की हैं। संक्षेप में, द ममी को द एक्सोरसिस्ट और हेरेडिटरी फिल्मों का मिश्रण कहा जा सकता है। इसकी कथा शैली प्रभावशाली है, इसमें पर्याप्त स्टाइल और डरावने दृश्य हैं। फिल्म में जैक रेनर, लाइया कोस्टा, नताली ग्रेस और मे कैलामावी जैसे कलाकार हैं। कहानी तीन बच्चों और माता-पिता के एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्होंने एक प्राचीन कलाकृति को संभाल कर रखा है जिसमें बुरी आत्माएं निवास करती हैं। इस कलाकृति को नष्ट करना जरूरी है, इससे पहले कि वह बाहर निकलकर परिवार को नुकसान पहुंचाए। फिल्म डरावनी और खौफनाक है, लेकिन इस शैली के प्रशंसकों को इसे जरूर देखना चाहिए।