डेली कॉलेज का संविधान बदलने के पीछे दिग्विजय सिंह के खास समर्थक देवराज सिंह बडगारा का हाथ, पहले डीसी बोर्ड में थे सदस्य

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इंदौर। मध्यप्रदेश के प्रतिष्ठित डेली कॉलेज के संविधान बदलने की कोशिश लगातार जारी है। इसके लिए मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का डर दिखाया जा रहा है। जो लोग डीसी बोर्ड की इन कोशिशों का विरोध कर रहे हैं, उन्हें दिग्विजय सिंह समर्थक बताया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि संविधान बदलने की कोशिश करने वाले ही दिग्गी समर्थक हैं। बताया जाता है कि यह पूरा षड्यंत्र दिग्विजय सिंह के खास समर्थक देवराज सिंह बडगारा ने रचा है।

उल्लेखनीय है कि ​डेली कॉलेज के पैरेंट्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात कर वहां चल रही गतिविधियों की पूरी जानकारी दी थी। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से कहा था कि 12 नवंबर को एक बैठक बुलाई है। इसमें बोर्ड के सिर्फ 9 सदस्य ही उपस्थित रहेंगे। डीसी बोर्ड संविधान में संशोधन करना चाहता है ताकि वह हमेशा सत्ता में बना रहे। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर सहायक रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी बीडी कुबेर ने एक आदेश निकाला कि 12 नवंबर को होने वाली बैठक में संविधान संशोधन संबंधित कोई कार्रवाई नहीं की जाए।

बैठक तो हुई, लेकिन बदल न पाए संविधान

कलेक्टर के आदेश के बाद बुधवार 12 नवंबर को डीसी बोर्ड की बैठक तो हुई, लेकिन संविधान नहीं बदला जा सका। डीसी बोर्ड संघ के कुछ पदाधिकारियों और भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से कलेक्टर के आदेश पर स्टे लेने की कोशिश करता रहा, लेकिन शाम तक सफलता नहीं मिल पाई। इतना ही नहीं बोर्ड को आज हाईकोर्ट में हुई सुनवाई से भी आस थी, लेकिन कोर्ट ने सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रख लिया।

पूरे खेल के मास्टर माइंड हैं बडगारा

सूत्र बताते हैं कि इस पूरे खेल के मास्टर माइंड दिग्विजय सिंह के खास समर्थक देवराज सिंह बडगारा हैं। वे ओडीए यानी ओल्ड डेली एसोसिशन वाली कैटेगरी में 2015 से 2020 तक सदस्य रहे। 2020 में संदीप पारीख ने वडगारा को हरा दिया था। वडगारा कांग्रेस में कई पदों पर रहे हैं। वे ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के मध्यप्रदेश के अध्यक्ष भी रहे हैंं और यह पद दिग्विजय सिंह ने ही दिया था। अब वे डेली कॉलेज में किसी पद नहीं होने के बावजूद भी वडगारा डीसी बोर्ड में सक्रिय हैं और डेली कॉलेज की हर गतिविधि में हिस्सा लेते हैं। वडगरा और डीसी बोर्ड के कुछ सदस्य मिलकर ओडीए कैटेगरी खत्म करना चाहते हैं, ताकि चुनाव का झंझट ही खत्म हो जाए। फिर ये सरकार की तरफ से मनोनीत होकर बोर्ड में आ जाएं। खास बात यह कि इस बोर्ड में वर्तमान में जो भी लोग संविधान बदलने की कोशिश कर रहे हैं, वे दिग्जिवय सिंह के समर्थक ही हैं।

संघ के पदाधिकारियों के माध्यम से गलत फीडबैक

संविधान बदलने पर अमादा डीसी बोर्ड के सदस्य इसके लिए संघ के कुछ पदाधिकारियों की मदद ले रहे हैं। वे ही जाकर भोपाल के वरिष्ठ अधिकारयों को यह समझा रहे हैं कि संविधान बदलना जरूरी है। अब तक बोर्ड पर दिग्वजिय सिंह का कब्जा था, अब हम लोग काम कर रहे हैं। इसलिए दिग्विजय सिंह के समर्थक चाहते हैं कि संविधान न बदले।

बड़ा सवाल-कहीं अधिकारी ही दिग्गी समर्थक तो नहीं

इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि भोपाल में बैठे जो अधिकारी संविधान बदलने की कोशिश में जुटे हैं, कहीं वे तो दिग्वजिय सिंह समर्थक नहीं। यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि जो लोग भी संविधान बदलना चाहते हैं, उन पर तो दिग्वजिय सिंह का ठप्पा लगा है।

पैरेंट्स के विरोध को राजनीतिक मोड़ देने की कोशिश

डेली कॉलेज का संविधान बदलने का विरोध करने वालों में अधिकांश पैरेंट्स हैं तो कुछ ओल्ड डेलियन हैं। पैरेंट्स ही कलेक्टर से मिले। पैरेंट्स ही सोशल मीडिया पर इसका विरोध कर रहे हैं। पैरेंट्स का कहना है कि डीसी बोर्ड मनमानी कर रहै है, इसके कारण बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। इसका प्रभाव 10वीं-12वीं के रिजल्ट पर भी पड़ा है। शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती और बोर्ड अपने मनमाफिक फैसले लेता रहता है। पैरेंट्स प्रिंसिपल को लेकर भी कई बार सवाल उठा चुके हैं, लेकिन उनकी कोई नहीं सुनता। अब इन्हीं पैरेंट्स को दिग्विजय सिंह का समर्थक बताया जा रहा है।

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