श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर सीएम उमर अब्दुल्ला केंद्र और भाजपा पर हमलावर हैं। शनिवार को ही उन्होंने ‘ऑपरेशन लोटस’ से नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार को गिराने के आरोप गाए थे। अब रविवार को उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर हमें संसद सत्र में प्रदर्शन और जंतर-मंतर पर बैठने से पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा तो क्या ट्रंप साहब से गुहार लगानी पड़ेगी।
उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनावों में आपने बड़े वादे किए थे, कहा था कि ये मोदी का वादा है। अब्दुल्ला ने कहा कि मैं पीएम मोदी से आग्रह करता हूं वह फिर से जम्मू कश्मीर को रियासत का दर्जा दे दें उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने राज्य का दर्जा बहाल होने का बहुत लंबा इंतजार किया है और अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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केंद्र से अधूरे वादे ही मिले
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राजनीतिक नेताओं, संसद और सुप्रीम कोर्ट के इस आश्वासन के बावजूद कि राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल किया जाएगा। केंद्र ने बार-बार अपने वादे तोड़े हैं। लोगों ने केंद्र पर भरोसा किया था, लेकिन उन्हें अधूरे वादे ही मिले। सीएम ने आरोप लगाते हुए कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के बजाय पिछले दरवाजे से शासन करने में मदद करने के लिए बनाई गई थी। भाजपा ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए देशभर में विपक्षी दलों को कमजोर करने और तोड़ने की कोशिश कर रही है।
केंद्र से कोई एहसान नहीं मांग रहे
अब्दुल्ला ने कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और पंजाब में आम आदमी पार्टी जैसे उदाहरण दिए। जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की प्रक्रिया 2022 में पूरी हुई थी, जिसके बाद विधानसभा सीटों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो गई। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग केंद्र से कोई एहसान नहीं मांगा जा रहा है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों से किया गया वादा है। इस वादे का समर्थन लगभग उन सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने किया था, जिन्होंने 2024 का चुनाव लड़ा था।
जंतर-मंतर पर करेंगे प्रदर्शन
सीएम अब्दुल्ला ने भाजपा को चुनौती भी दी कि वह अपने किसी ऐसे उम्मीदवार का नाम बताए जिसने 2024 के चुनाव में राज्य का दर्जा बहाल करने का विरोध करते हुए प्रचार किया हो। उन्होंने भाजपा के वादे पूरे करने के रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी अक्सर दूसरों को उनके चुनावी वादों की याद दिलाती है, लेकिन उसे लोगों से किए गए अपने वादों की स्थिति भी बतानी चाहिए। सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने राज्य का दर्जा बहाल करने की अपनी मांग के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।



