भारत की कूटनीतिक पहल: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सीमापार आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाने सात प्रतिनिधिमंडल विदेश रवाना होंगे
भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सीमापार आतंकवाद के ख़िलाफ़ अपनी निरंतर लड़ाई के मद्देनज़र अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अवगत कराने के लिए एक बड़ी कूटनीतिक पहल की है। इसके तहत भारत के सात संसदीय प्रतिनिधिमंडल दुनिया के कई देशों का दौरा करेंगे।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रतिनिधिमंडलों की सूची साझा की
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इन प्रतिनिधिमंडलों में शामिल सांसदों की सूची साझा की है। इनमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), कांग्रेस, शिवसेना, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी, एआईएमआईएम, डीएमके जैसी प्रमुख पार्टियों के सांसद शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडलों का विवरण इस प्रकार है:
ग्रुप-1
- देश: सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, अल्जीरिया
- सांसद: बैजयंत पांडा (बीजेपी), निशिकांत दुबे (बीजेपी), असदुद्दीन ओवैसी (एआईएमआईएम) समेत 5 अन्य
ग्रुप-2
- देश: यूके, फ्रांस, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इटली, डेनमार्क
- सांसद: रवि शंकर प्रसाद (बीजेपी), प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना यूबीटी) समेत 6 अन्य
ग्रुप-3
- देश: इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान, सिंगापुर
- सांसद: संजय कुमार झा (जदयू), यूसुफ़ पठान (टीएमसी) समेत 7 अन्य
ग्रुप-4
- देश: यूएई, लाइबेरिया, डीआर कांगो, सिएरा लियोन
- सांसद: श्रीकांत शिंदे (शिवसेना), बांसुरी स्वराज (बीजेपी) समेत 6 अन्य
ग्रुप-5
- देश: अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राज़ील, कोलंबिया
- सांसद: शशि थरूर (कांग्रेस), तेजस्वी सूर्या (बीजेपी) समेत 7 अन्य
ग्रुप-6
- देश: स्पेन, स्लोवेनिया, ग्रीस, लातविया, रूस
- सांसद: कनिमोझी करुणानिधि (डीएमके) समेत 7 अन्य
ग्रुप-7
- देश: मिस्र, क़तर, इथियोपिया, दक्षिण अफ्रीका
- सांसद: सुप्रिया सुले (एनसीपी-एससीपी), अनुराग ठाकुर (बीजेपी) समेत 7 अन्य
दौरे का उद्देश्य
इन प्रतिनिधिमंडलों का उद्देश्य भारत के प्रमुख साझेदार देशों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों को भारत के रुख़ से अवगत कराना है, विशेषकर आतंकवाद, कट्टरपंथ और सीमा पार हिंसा के मुद्दों पर। यह प्रयास भारत की कूटनीतिक रणनीति को वैश्विक मंच पर मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


