पहलगाम हमले के बाद भारत ने शुरू किया राजनयिक अभियान, सांसदों का प्रतिनिधिमंडल बहरीन पहुंचा
अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में बीजेपी सांसद बैजयंत जय पांडा के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल बहरीन पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य भारत में हुए आतंकवादी हमले और उसके बाद की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखना है।
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प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसदों ने बहरीन के कई प्रमुख लोगों और अधिकारियों से बातचीत की। इस बातचीत के दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आतंकवाद की कठोर निंदा की।

ओवैसी ने कहा,आतंकवादी संगठन भारत में निर्दोष लोगों की हत्या को जायज़ ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। वे क़ुरान की आयतों का ग़लत उपयोग कर रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है। हमें इस सोच को खत्म करना होगा।”
उन्होंने आगे कहा,आतंकवादियों ने हत्या जैसे जघन्य अपराध के लिए धर्म का इस्तेमाल किया है। इस्लाम आतंकवाद को सख्ती से नकारता है। क़ुरान में स्पष्ट लिखा है कि किसी निर्दोष की हत्या, पूरी मानवता की हत्या के बराबर है।”
यह प्रतिनिधिमंडल केवल बहरीन ही नहीं, बल्कि कुवैत, सऊदी अरब और अल्जीरिया जैसे देशों का भी दौरा करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में बैजयंत जय पांडा के अलावा सांसद निशिकांत दुबे, फांगनोन कोन्याक, रेखा शर्मा, सतनाम सिंह संधू, असदुद्दीन ओवैसी, गुलाम नबी आज़ाद और पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला शामिल हैं।
भारत की यह कूटनीतिक पहल वैश्विक समुदाय को यह संदेश देने की कोशिश है कि आतंकवाद मानवता के खिलाफ है और इसका कोई धर्म या तर्क नहीं हो सकता।


