नई दिल्ली। अहमदाबाद में एयर इंडिया के प्लेन क्रैश के बाद डीजीसीए ने एक बड़ा फैसला लिया है। डीजीसीए ने बोइंग 787-8/9 विमानों पर सेफ्टी जांच बढ़ाने का निर्देश जारी कर दिया है। यह नया निर्देश 15 जून 2025 की रात 12 बजे से लागू हो जाएगा। डीजीसीए ने उड़ान से पहले कई अहम तकनीकी जांचों का निर्देश दिया है।
उल्लेखनीय है कि 12 जून को एयर इंडिया की लंदन जा रही फ्लाइट क्रैश हो गई थी। इसमें सवार 242 यात्रियों में से 241 की मौत हो चुकी है। इसके बाद बोइंग विमानों की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे थे। डीजीसीए की ओर से दिए गए निर्देशों के मुताबिक टेकऑफ से पहले फ्यूल पैरामीटर मॉनिटरिंग और संबंधित सिस्टम की जांच होगी। इसके अलावा केबिन एयर कंप्रेसर, इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल सिस्टम, इंजन फ्यूल ड्रिवन एक्ट्यूएटर का ऑपरेशनल टेस्ट, ऑयल सिस्टम हाइड्रोलिक सिस्टम की सर्विसेबिलिटी और टेक–ऑफ पैरामीटर्स की समीक्षा की जाएगी।
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डीजीसीए ने कहा है कि ट्रांजिट इंस्पेक्शन में अब फ्लाइट कंट्रोल इंस्पेक्शन अनिवार्य होगा जो अगले आदेश तक लागू रहेगा। वहीं अगले दो हफ्तों में पावर एश्योरेंस चेक पूरा कराना होगा। डीजीसीए ने बीते 15 दिनों में बार–बार आई तकनीकी खराबियों की समीक्षा के आधार पर मेंटेनेंस एक्शन जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है।
एएआईबी ने शुरू की दुर्घटना की जांच
उल्लेखनीय है कि लंदन के लिए रवाना हुआ बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (एआई171) विमान गुरुवार दोपहर सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद मेघाणी नगर क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना में केवल एक यात्री चमत्कारिक रूप से बच गया. सिविल एविएशन मंत्रालय के तहत विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।



