India

मुंबई में मुहर्रम के जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटने वाला शख्स पकड़ाया, 14 हजार 900 कैप्सूल जब्त

मुंबई पुलिस ने एक बड़ी साजिश को नाकाम किया है। यहां मुहर्रम के जुलूस में एक शख्स पेनकिलर बताकर लोगों को जहरीले कैप्सूल बांट रहा था। इसे पुलिस ने पकड़ लिया है। इसके पास से 14 हजार 900 कैप्सूल जब्त किए गए हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर दिग्विजय सिंह का भाजपा पर हमला, कहा-12 करोड़ लोगों के चंदे का कहां है हिसाब, चंपत राय को बताया...

उज्जैन। राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार, भाजपा और संघ पर बड़ा हमला किया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वर्ष 1992 के बाद राम मंदिर आंदोलन के दौरान करीब साढ़े 12 करोड़ लोगों ने चंदा दिया था, जिसका आज तक पूरा हिसाब जनता के सामने नहीं आया है। उन्होंने चंपत राय पर भी आरोप लगाए हैं। चंपत राय से बेईमान कोई नहीं दिग्विजय सिंह ने कहा कि भारत के इतिहास में आजादी के पहले व आजादी के बाद पहली बार ऐसी हुकूमत आई है, जिसकी हुकूमत में मंदिर की दान राशि में घोटाला हो रहा है। दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को निशाने पर लेते हुए कहा चंपत राय से बड़ा बेईमान और भ्रष्ट कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल किसी ट्रस्टी के इस्तीफे से मामला खत्म नहीं होता। ट्रस्ट की व्यवस्था की जिम्मेदारी चंपत राय पर है और उन्हें पूरे मामले की जवाबदेही लेनी चाहिए। 12 करोड़ लोगों के चंदे का हिसाब कहां है दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि वर्ष 1992 के बाद राम मंदिर आंदोलन के दौरान करीब साढ़े 12 करोड़ लोगों ने चंदा दिया था, जिसका आज तक पूरा हिसाब जनता के सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने जो एक करोड़ रुपये दिए और चांदी की शिलाएं दीं, उनकी रसीद और हिसाब अब तक नहीं मिला। चंदा चोरी करने वालों को बचा रहा संघ दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह आरएसएस मॉडल ऑफ गवर्नेंस है। आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद अयोध्या में चंदा चोरी करने वालों को बचाने में लगे हुए हैं। ये लोग सनातन का विनाश कर रहे हैं और सनातनियों के साथ धोखा कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट के बाद अयोध्या में एफआईआर हुई, लेकिन दोषियों का रिमांड लिए जाने की बजाय उन्हें गिरफ्तार कर सीधे जेल भेज दिया गया। दिग्विजय ने मांग की कि दोषियों के खिलाफ विस्तृत जांच कर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। इसकी जिम्मेदारी पीएम मोदी की दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है, इसलिए इसकी जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद को धर्म और धार्मिक कार्यों से कोई मतलब नहीं है, उन्हें सिर्फ सत्ता से मतलब है। उन्होंने कहा कि इन संगठनों पर कोई कानून लागू नहीं होता और ये सनातनियों को ठग रहे हैं। उन्होंने कहा कि चंपत राय कौन हैं? उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। धर्म से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वे संघ के प्रचारक रहे, बाद में विहिप ने उन्हें ले लिया। सादगी का नाटक करते हैं। चांदी की ईंट, जेवर, नकदी और विदेशी चंदे में गड़बड़ी पाई गई है। आरएसएस और विहिप से बड़ा बेईमान और गद्दार कोई नहीं है। महाकाल मंदिर की जमीन पर संघ का कब्जा महाकाल मंदिर की व्यवस्था पर हमला बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे उस समय से विरोध कर रहे हैं, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा ने महाकाल मंदिर की जमीन आरएसएस से जुड़ी संस्था को दे दी थी। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में वे अदालत भी गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस ने मंदिर की जमीन पर कब्जा कर गेस्ट हाउस बना लिए हैं और साधु-संतों को महत्व नहीं दिया जा रहा। आज स्थिति यह है कि बजरंग दल की चिट्ठी के बिना भस्म आरती तक नहीं मिलती।

TET Paper Leak : महाराष्ट्र में टीईटी का पेपर लीक, कल रविवार को होने वाली थी परीक्षा रद्द

देश में परीक्षा के पेपर लीक होने का सिलसिला जारी है। नीट-यूजी के बाद अब महाराष्ट्र में TET पेपर लीक होने की खबर आई है। इसके कारण प्रशासन ने कल यानी रविवार 28 जून को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा रद्द कर दी है।

Pune Ketan Murder Case : परिवार को पता था चेतन को चाहती थी सिया, फिर भी करा दिया केतन से रिश्ता

इंदौर के राजा रघुवंशी की तरह पुणे में प्रॉपर्टी डीलर केतन अग्रवाल की हत्या की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस का दावा है कि सिया गोयल की सह-आरोपी चेतन चौधरी के साथ नजदीकियों के बारे में परिवार के कुछ सदस्यों को पता था।

Ram Mandir चढ़ावा चोरी मामले में बैंक कर्मचारी की मिलीभगत भी आई सामने, बैंक में ही होता था रकम का बंटवारा

राम मंदिर के चढ़ावा चोरी के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि चढ़ावा चोरी में बैंक कर्मचारी भी शामिल थे। यही कर्मचारी दान का पैसा ट्रस्ट के दफ्तर से बैंक लेकर जाते थे। यह भी कहा जा रहा है कि चढ़ावा चोरी के आरोपी बैंक में ही मिलते थे और वहीं रकम का बंटवारा होता था।

Popular

Subscribe

spot_imgspot_img