गरीब, महिला, युवा और अन्नदाता पर फोकस है बजट, 1.48 लाख करोड़ शिक्षा और रोजगार पर होंगे खर्च

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नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024 मंगलवार को संसद में पेश किया। मोदी सरकार का यह 13वां बजट है। केंद्रीय बजट में 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने के रोडमैप की झलक दिख रही है। निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि गरीब, महिला, युवा तथा अन्नदाता पर हमारा फोकस है। भारत की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में अपना विश्वास तीसरी बार जताया है। मुश्किल दौर में भी भारत की अर्थव्यवस्था तेज गति से चल रही है।

बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को 5 साल के लिए बढ़ाया गया है, जिसका लाभ देश के 80 करोड़ लोगों को मिल रहा है। हमारी सरकार का पूरा फोकस रोजगार, हुनर और युवाओं पर है। इस समय देश में मुद्रास्फीति फिलहाल 3.1% पर है। इस साल 1.48 लाख करोड़ शिक्षा और रोज़गार के लिए खर्च किये जाने का प्रस्ताव है।

400 जिलों में फसलों का डिजिटल सर्वे

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार की कृषि, रोज़गार, सामाजिक न्याय प्राथमिकताएं हैं। हमारी प्राथमिकताओं में शहरी विकास, ऊर्जा सुरक्षा भी शामिल है। कृषि क्षेत्र की उत्पादकता और क्षमता प्राथमिकता। दलहनतिलहन की उत्पादकताभंडारण बढ़ाएंगे और 30 फसलों की 109 किस्में जल्द मिलेंगी। हमारा लक्ष्य तिलहन उत्पादों में आत्मनिर्भरता हासिल करना है। कृषि में डिजिटल ढांचे को मज़बूती देंगे, ताकि उत्पादकता बढ़ सके। 400 जिलों में फसलों का डिजिटल सर्वे होगा।

राष्ट्रपति ने वित्त मंत्री को खिलाई दहीचीनी

निर्मला सीतारमण ने 2024-25 का पूर्ण बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। परंपरा के तहत वित्त मंत्री ने संसद जाने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात की। केन्द्रीय बजट पेश करने के लिए संसद के लिए रवाना होने से पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने सीतारमण को दहीचीनी खिलाई।

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