एशियन गेम्स 2026 से पहले बड़ा झटका तब लगा जब भारतीय पहलवान दीपक का डोप टेस्ट फेल हो गया। यह मामला भारतीय कुश्ती दल के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।
पहलवान दीपक के डोप टेस्ट में क्लोमीफीन पाया गया
दिल्ली के 25 वर्षीय ग्रीको-रोमन पहलवान दीपक के यूरिन सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ क्लोमीफीन मिला है। यह दवा वाडा की 2026 की प्रतिबंधित सूची में ‘हार्मोन एंड मेटाबॉलिक मॉड्यूलेटर’ की श्रेणी में आती है। दीपक 67 किलोग्राम भारवर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले थे।
यह सैंपल 31 मई 2026 को लखनऊ में एशियन गेम्स के नेशनल सिलेक्शन ट्रायल्स के दौरान लिया गया था। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने 23 जुलाई को इसे ‘असामान्य निष्कर्ष’ के रूप में पहचाना और 17 अगस्त को जांच के बाद इसे पॉजिटिव डोप टेस्ट घोषित किया।
भारतीय कुश्ती महासंघ ने दीपक को टीम से बाहर किया
डोपिंग नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने दीपक को एशियन गेम्स की टीम से बाहर कर दिया है। इससे पहले भी मुकुल दहिया और दीपांशु नाम के दो पहलवान इसी कारण टीम से हटाए जा चुके हैं।
WFI ने डोपिंग के कारण लगाए जाने वाले ₹20 लाख के जुर्माने से बचने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है। तीन पहलवानों के बाहर होने के बाद भारत की चुनौती तीन भारवर्गों में बिना प्रतिनिधित्व के रह गई है।
दीपक की खास उपलब्धि और डोपिंग मामले की मार
दीपक भारतीय डाक सेवा के पहले ऐसे पहलवान थे जिन्होंने एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई थी। उन्होंने नेशनल ट्रायल और फेडरेशन कप में शानदार प्रदर्शन किया था।
फिर भी डोप टेस्ट में फेल होने से उनका सपना टूट गया है। फिलहाल उन्हें निलंबित नहीं किया गया है, लेकिन बी सैंपल की जांच कराई जा सकती है। अगर बी सैंपल भी पॉजिटिव आता है तो उन्हें लंबा प्रतिबंध झेलना पड़ सकता है।
डोप टेस्ट में क्लोमीफीन का क्या मतलब है?
क्लोमीफीन एक हार्मोन और मेटाबॉलिक मॉड्यूलेटर है जो बांझपन के इलाज में इस्तेमाल होता है। यह पदार्थ एथलीटों में स्टेरॉयड के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए लिया जा सकता है।
इसलिए इसे डोपिंग नियमों में सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है। एशियन गेम्स जैसे बड़े आयोजन में इस तरह के पदार्थ का उपयोग गैरकानूनी माना जाता है।
तीन डोपिंग मामलों से कुश्ती टीम को बड़ा नुकसान
एशियन गेम्स के लिए चयनित 18 पहलवानों में से दीपक के अलावा मुकुल दहिया और दीपांशु भी डोप टेस्ट में फेल हो चुके हैं। इन तीनों के बाहर होने से भारत तीन महत्वपूर्ण भारवर्गों में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएगा।
इससे भारतीय कुश्ती दल की ताकत कमजोर हुई है। नए खिलाड़ियों को मौका तो मिलेगा, लेकिन समय कम होने से उनकी तैयारी चुनौतीपूर्ण होगी।
आगे की प्रक्रिया और संभावित परिणाम
दीपक को बी सैंपल की जांच कराने का अधिकार है। सात दिनों के भीतर वे इस जांच का अनुरोध कर सकते हैं। यदि बी सैंपल भी पॉजिटिव पाया गया या जांच कराने से इंकार किया गया, तो उन्हें डोपिंग नियमों के तहत दंडित किया जाएगा।
इस स्थिति में एशियन गेम्स समेत अन्य प्रतियोगिताओं में उनकी भागीदारी पर प्रतिबंध लग सकता है। भारतीय कुश्ती के लिए यह एक गंभीर चेतावनी भी है कि डोपिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।



