भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नबीन के सामने पश्चिम बंगाल-असम सहित कई राज्यों की चुनावी वैतरणी पार करने की चुनौती

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नई दिल्ली। नितिन नबीन ही होंगे भाजपा के नए कार्यकारी अध्यक्ष। वे निर्विरोध चुन लिए गए हैं। उनके विरोध में कोई नामांकन नहीं हुआ। मंगलवार को वे कार्यभार भी संभाल लेंगे। नए अध्यक्ष के सामने अभी सबसे बड़ी चुनौती बंगाल विधानसभा चुनाव है। इसके साथ ही उन्हें कई चुनौतियों की वैतरणी पार करनी होगी।
भाजपा संगठन पर्व के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण की ओर से जारी बयान में कहा गया है है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के नामांकन की संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया पूर्ण हुई। 36 में से 30 राज्यों में संगठनात्मक चुनावों के बाद तय प्रक्रिया के अनुसार नामांकन, जांच और वापसी सम्पन्न हुई। नामांकन पत्रों की जांच के उपरांत सभी नामांकन पत्र निर्धारित प्रारूप के अनुसार तथा वैध पाए गए। नामांकन वापसी की अवधि पूर्ण होने के पश्चात, भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के रूप में यह घोषणा करता हूं कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद हेतु केवल एक ही नाम, अर्थात नितिन नवीन का नाम प्रस्तावित हुआ है। इसके बाद यह तय हो गया है कि नितिन नवीन ही भाजपा के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं।

राजनाथ सिंह, अमित शाह सहित कई दिग्गज थे मौजूद

नबीन के नामांकन का समर्थन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने किया है।भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के अलावा सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अलावा धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव और किरेन रिजिजू जैसे वरिष्ठ पार्टी नेता भी नवीन के नामांकन के समय मौजूद रहे। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और अन्य राज्य नेताओं ने भी नवीन के समर्थन में नामांकन पत्रों का एक सेट जमा किया। नामांकन प्रक्रिया के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पुष्कर सिंह धामी, नायब सिंह सैनी और प्रमोद सावंत भी उपस्थित रहे। बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, असम, झारखंड और अन्य राज्यों के नेताओं ने भी नवीन के समर्थन में नामांकन पत्र जमा किए।

मोदी-शाह के भरोसेमंद नेता हैं नबीन

बिहार से पांच बार के विधायक रहे 45 वर्षीय नवीन को दिसंबर, 2025 में पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पसंद हैं। इसलिए उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की राह में कोई रोड़ा नहीं था। नबीन भाजपा के सबसे युवा अध्यक्ष होंगे। उनका कार्यकाल तीन साल के लिए होगा।

सबसे बड़ी चुनौती पश्चिम बंगाल का चुनाव

नितिन नबीन के सामने इसी साल कई राज्यों में होने वाला चुनाव बड़ी चुनौती है। सबसे बड़ी चुनौती पश्चिम बंगाल का चुनाव है। भाजपा इस बार किसी भी हाल में ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर करना चाहती है। नितिन नबीन के चयन के पीछे बंगाल का चुनाव भी एक बड़ी वजह रही है। इसके अलावा तमिलनाडु,पुडुचेरी, केरल और असम में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इनमें से पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल ऐसे राज्य हैं, जहां भाजपा तक सरकार नहीं बना पाई है। इसके साथ ही असम में तीसरी बार और पुडुचेरी में दूसरी बार सरकार बनाने की बड़ी चुनौती है। असम में भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस ने आठ दलों का गठबंधन बनाया है।

तमिलनाडु और केरल को भी साधना होगा

भाजपा की नजर तमिलनाडु और केरल पर भी है। केरल के निकाय चुनावों में सफलता के बाद से भाजपा उत्साहित है और पूरी ताकत लगा रही है। तमिलनाडु की राजनीति डीएमके और एआईडीएमके के बीच सिमटी हुई है। भाजपा ने डीएमके को हटाने के लिए एआईडीएमके से हाथ मिलाया है। डीएमके और एआईडीएमके को चुनौती देने के लिए अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्ती कषगम भी चुनाव मैदान में होगी। इसका कितना फायदा भाजपा उठा पाती है, यह तो समय ही बता पाएगा।

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