इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर सुरक्षा बढ़ाई गई है ताकि वाहन चालकों को पंक्चर होने की स्थिति में सुनसान जगह पर रुकने से बचाया जा सके। यह कदम सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस मार्ग पर पिछले कुछ वर्षों से अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं।
इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर सुरक्षा चेतावनी बोर्ड लगाए गए
राजगढ़ थाना पुलिस ने माछलिया घाट से ग्राम धूलेट तक के लगभग 25 किलोमीटर लंबा संवेदनशील क्षेत्र चिन्हित किया है। इस क्षेत्र में जगह-जगह सुरक्षा चेतावनी बोर्ड लगाकर वाहन चालकों को खबरदार किया गया है। बोर्डों पर पंक्चर होने पर सुनसान जगह पर रुकने से बचने की हिदायत के साथ आपातकालीन नंबर भी लिखे गए हैं।
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यह सुरक्षा उपाय राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार की टीम ने एसपी सचिन शर्मा के निर्देश एवं एएसपी पारुल बेलापुरकर व एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार के मार्गदर्शन में किए हैं।

रापी गैंग की आपराधिक कार्यप्रणाली और खतरा
इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर ‘रापी’ गैंग सक्रिय है जो लोहे की नुकीली वस्तु सड़क पर डालकर टायर पंक्चर कराते हैं। इसके बाद सुनसान जगहों पर वाहन चालकों से लूटपाट करते हैं। यह तरीका अपराधियों ने कई बार अपनाया है जिससे यात्रियों में भय व्याप्त है।
पुलिस ने इस खतरे से आगाह करते हुए यात्रियों को सतर्क रहने और पंक्चर की स्थिति में सुरक्षित स्थान तक वाहन चलाने की सलाह दी है।
लूटपाट की गंभीर घटनाएं राजगढ़ क्षेत्र में
अगस्त 2026 की रात धार जिले के सरदारपुर थाना क्षेत्र में एक व्यापारी के साथ 7.90 लाख रुपये की लूट हुई थी। यह घटना भी इसी फोरलेन पर हुई थी। इसी तरह मई 2025 में गुजरात के एक परिवार के साथ भी राजगढ़ थाना क्षेत्र में वाहन खराब होने के दौरान लूट की वारदात सामने आई।
इन घटनाओं ने इस मार्ग की सुरक्षा आवश्यकताओं को और बढ़ा दिया है।

पुलिस की सख्त हिदायतें वाहन चालकों के लिए
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि रात के समय पंक्चर हो जाए तो किसी सुनसान या अंधेरी जगह पर रुकने की बजाय वाहन को पेट्रोल पंप, ढाबा या सुरक्षित सार्वजनिक स्थान तक ले जाना चाहिए।
यह निर्देश यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी माना जा रहा है ताकि वे अपराधियों के शिकार न बनें।
आपातकालीन संपर्क नंबरों की उपलब्धता
सुरक्षा बोर्डों पर धार पुलिस कंट्रोल रूम, राजगढ़ थाना प्रभारी, हाईवे पेट्रोलिंग टीम और दत्तीगांव टोल प्लाजा के आपातकालीन संपर्क नंबर लिखे गए हैं।
किसी भी संदिग्ध स्थिति में यात्री तुरंत 112 या 100 डायल करके मदद ले सकते हैं। यह उपाय आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए कारगर साबित होगा।
सुरक्षा बढ़ाने के बाद संभावित प्रभाव
यह सुरक्षा कदम वाहन चालकों के लिए एक बड़ा राहत का कारण बनेगा। आगे चलकर ऐसे उपायों से अपराधों में कमी आने की उम्मीद है।
साथ ही यात्रियों में सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और वे सतर्क रहेंगे। इससे फोरलेन पर यात्रा अधिक सुरक्षित होगी।



