कानपुर। देश के 12 राज्यों में चल रहे एसआईआर के खिलाफ सपा प्रमुख अखिलेश यादव लगातार हमलावर हैं। शुक्रवार को कानपुर देहात में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने एसआईआर को लेकर भाजपा पर जबरदस्त हमला किया। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि एसआईआर के बहाने आरक्षण, नौकरी और लोगों के अधिकार छीनने की कोशिश की जा रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश के दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को जो अधिकार संविधान के माध्यम से दिए थे, उन्हें छीनने की कोशिश की जा रही है। एसआईआर के बहाने ये लोग दलितों, पिछड़े और आदिवासियों के अधिकार छीनने की तैयारी चल रही है। अखिलेश यादव ने की चुनाव आयोग की आलोचना अखिलेश ने सरकार और चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि बीएलओ को एसआईआर से जुड़े अनरियलिस्टिक और मनमाने टारगेट पूरे करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे चुनाव से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंटेशन के लिए जिम्मेदार फील्ड स्टाफ पर बेवजह का साइकोलॉजिकल स्ट्रेस (तनाव) बढ़ रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि बीएलओ से यह उम्मीद करना कि वे अपनी निजी या पारिवारिक ज़िंदगी की परवाह किए बिना, मशीन की तरह चौबीसों घंटे काम करें। यह पूरी तरह से अमानवीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के चुनावी मेगा स्कैम को बढ़ावा देने के लिए ऐसा दबाव डाला जा रहा है। अखिलेश ने कहा कि राज्य में कर्मचारियों को सही सपोर्ट के बजाय परेशानी और अस्थिरता का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार नई नौकरियां बनाने में नाकाम रही है, और मौजूदा नौकरियों को इतना मुश्किल बना दिया गया है कि लोग नौकरी छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं।
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मृतक बीएलओ के परिजनों को एक करोड़ दे सरकार
अखिलेश यादव ने चुनाव ड्यूटी के दौरान मारे गए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। उन्होंने चुनाव आयोग से यह भी अपील की कि वह हर उस बीएलओ के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी दे, जिनकी जान बहुत ज़्यादा मेंटल प्रेशर और काम के बोझ की वजह से गई।



