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पूर्वोत्तर भारत में मूसलाधार बारिश और बाढ़ से तबाही, लाखों प्रभावित
मानसून ने पूर्वोत्तर भारत के समूचे क्षेत्र को कवर कर लिया है और बीते चार-पांच दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। इसके चलते अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर और मिजोरम सहित सभी राज्यों में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है।
असम और मणिपुर सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जहां सात लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। मणिपुर में 3,365 घरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि असम में ब्रह्मपुत्र और बराक सहित 15 से अधिक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

अब तक 43 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं। केवल असम में ही 21 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और 6.32 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। स्थानीय मौसम केंद्र ने 11 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। सड़क, रेल और फेरी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
भूस्खलन ने सिक्किम में भी कहर बरपाया है। वहां से दो एमआई-17 वी5 हेलिकॉप्टरों की मदद से 34 लोगों को सुरक्षित निकालकर पाकयोंग एयरपोर्ट पहुंचाया गया। राज्य में अब तक 1,700 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

मिजोरम में भी भारी तबाही हुई है। बीते 10 दिनों में वहां 552 भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे 152 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इन हादसों में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। भूस्खलन और दरारों के कारण 198 परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं, जबकि बाढ़ से 92 अन्य परिवारों को विस्थापित होना पड़ा है। मिजोरम के 11 जिले प्रभावित हैं और 10 जिलों में लगातार पांचवें दिन स्कूल बंद रहे।
इस बीच, दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने तय समय से लगभग आठ दिन पहले पहुंच गया था लेकिन अब वह ठिठक गया है। 11 जून से इसके फिर से सक्रिय होने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार 5 जून तक भारी बारिश जारी रह सकती है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।



