प्रतापगढ़ जिले के पीपलखूंट थाना क्षेत्र में कांग्रेस बैठक के दौरान टेंट संभालते समय करंट लगने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौत हो गई जबकि 15 से अधिक लोग झुलस गए।
तेज हवा से टेंट का मेटल स्ट्रक्चर बिजली के तार से टकराया
21 अक्टूबर 2026 को दोपहर में प्रतापगढ़ के पीपलखूंट क्षेत्र में कांग्रेस की पंचायत चुनाव बैठक चल रही थी। अचानक तेज हवाओं के कारण सभा स्थल पर लगे टेंट के लोहे के पाइप हिलने लगे। इस दौरान यह पाइप पास से गुजर रहे हाई-वोल्टेज बिजली के तारों को छू गए।
बिजली के तारों से स्पर्श होते ही पूरे टेंट के मेटल स्ट्रक्चर में करंट दौड़ गया, जिससे जो लोग टेंट संभालने में लगे थे वे करंट की चपेट में आ गए।

करंट से दो लोगों की मौत, पंद्रह से अधिक झुलसे
इस घटना में डेमरीपाड़ा निवासी अर्जुन (57) पुत्र अमरिया और रेणंदा निवासी मोहन (45) पुत्र गौतम की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा करीब पंद्रह अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का इलाज प्रतापगढ़ जिला अस्पताल में जारी है।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने में जुट गए।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
हादसे के तुरंत बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की तरफ से मौके पर आने में काफी देरी हुई।
सूचना के करीब एक घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची, जिसके कारण कई घायलों को मोटरसाइकिल से जिला अस्पताल तक ले जाना पड़ा। बाद में एडीएम विजेश पंड्या और एएसपी जयदेव सिहाग भी अस्पताल पहुंचे और घायलों की स्थिति की जानकारी ली।
पंचायत चुनाव की बैठक में हुआ हादसा, चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है
प्रतापगढ़ में चल रहे पंचायत चुनाव के चौथे चरण के दौरान हुई इस घटना ने इलाके में चिंता बढ़ा दी है। बैठक के दौरान हुए इस हादसे से पंचायत चुनाव की तैयारियां प्रभावित हो सकती हैं।
स्थानीय लोग प्रशासन से बेहतर सुरक्षा उपाय और बिजली तारों के पास टेंट लगाने के दौरान सावधानी बरतने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों।
करंट हादसे से आम जनता में सुरक्षा को लेकर चिंता
प्रतापगढ़ में टेंट संभालते समय करंट से हुई घटना ने आम जनता में सुरक्षा के प्रति सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली के हाई-वोल्टेज तारों के निकट आयोजनों के दौरान आवश्यक सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण यह हादसा हुआ।
आम लोग अब बिजली सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन और प्रशासनिक सतर्कता की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
जांच जारी, आगे की कार्रवाई पर नजर
प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना है।
इसके अलावा, बिजली विभाग की भी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं कि हाई-वोल्टेज तारों के पास सुरक्षा उपाय क्यों नहीं किए गए। आगामी दिनों में इस घटना के कारण सुरक्षा मानकों में सुधार की संभावना है।



