शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल ने निवेशकों का भरोसा बढ़ा दिया है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते मजबूती का प्रदर्शन किया। इस तेजी ने बाजार में पिछले सत्र की भारी गिरावट से हुए नुकसान की भरपाई की।
सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार रिकवरी से बढ़ा बाजार का उत्साह
9 अक्टूबर को सेंसेक्स ने 1.23% की बढ़त के साथ 879 अंक चढ़कर 72,472 के स्तर पर बंद किया। बाजार के प्रमुख 30 शेयरों में से 29 शेयर लाभ में रहे। इसी तरह, निफ्टी-50 ने 1.30% यानि 288 अंक की तेजी दिखाते हुए 22,520 पर कारोबार बंद किया। इस उछाल ने निवेशकों के मनोबल को काफी मजबूत किया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- शेयर बाजार में सेंसेक्स 1100 अंक गिरा, निवेशकों के 11 लाख करोड़ डूबे
- रेपो रेट बढ़ने से बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 429 अंक टूटा
- शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 2 दिन में लगभग 1100 अंक चढ़ा
- शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 472 अंक बढ़कर 72,382 पर बंद
- 25 साल में पहली बार लगातार 8वें हफ्ते गिरा शेयर बाजार, जानिए कारण
- Metal-Pharma स्टॉक्स के दबाव से Sensex 48 अंक गिरा, Nifty 22620 पर बंद
इस तेजी के पीछे कई मजबूत कारण हैं, जिनमें कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और आईटी कंपनियों के अच्छे नतीजे प्रमुख हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखा। ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.7% गिरकर 103.53 डॉलर प्रति बैरल रह गई, जबकि WTI क्रूड 0.6% की गिरावट के साथ 90.97 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इस नरमी ने कंपनियों की लागत कम होने की उम्मीद बढ़ाई और बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया।
इससे निवेशकों ने जोखिम कम समझा और बाजार में खरीदारी बढ़ाई।
आईटी सेक्टर के मजबूत तिमाही नतीजों ने बाजार को सहारा दिया
टीसीएस (TCS) सहित आईटी कंपनियों ने मजबूत तिमाही प्रदर्शन किया। टीसीएस का शुद्ध मुनाफा 15% बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि राजस्व में 11% की वृद्धि हुई। इस प्रदर्शन ने निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3% से अधिक की तेजी लायी।
आईटी सेक्टर की यह मजबूती बाजार में निवेशकों के विश्वास को और बढ़ावा देती है।

निवेशकों के नुकसान की भरपाई हुई, संपत्ति में सुधार
शुक्रवार को बाजार की तेजी से निवेशकों के लगभग 5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति वापस आई। यह रिकवरी पिछले कुछ दिनों की भारी गिरावट के बाद आई है, जब लगभग 10 लाख करोड़ रुपये डूबे थे।
इस तेजी ने निवेशकों की चिन्ताओं को कम किया और बाजार के दीर्घकालिक स्थिरता के संकेत दिए।
वैश्विक और भू-राजनीतिक माहौल में मिली राहत
डोनाल्ड ट्रंप के ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सकारात्मक बयानों ने विश्व स्तर पर तनाव को कम करने में मदद की। इसके अलावा, वेस्ट एशिया में आंशिक तनाव में कमी की उम्मीद ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
इन वैश्विक संकेतों ने बाजार की तेजी में योगदान दिया और निवेशकों के मनोबल को मजबूत किया है।



