👉 यह भी पढ़ें:
- NEET Paper Leak Protest: जंतर-मंतर पर Sonam Wangchuk का अनशन जारी, Delhi Police पर गंभीर आरोप, Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग तेज
- CJP के मंच से सोनम वांगचुक ने दिल्ली के जंतर मंतर पर शुरू की भूख हड़ताल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
- मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल, नाम वापसी की आखिरी तारीख आज
- इश्क करो पार्टी’ से राजनीति में एंट्री! पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज मार्कंडेय काटजू का बड़ा दांव, क्या बदल जाएगा राजनीतिक नैरेटिव?
- क्या कॉकरोच जनता पार्टी में शामिल होंगे सोनम वांगचुक, सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कह दी बड़ी बात
- विनेश फोगाट को सुप्रीम कोर्ट से भी एशियन गेम्स के ट्रायल में शामिल होने की मिली मंजूरी
0:00 left
नई दिल्ली। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में तुरंत रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने गिरफ्तारी को पूरी तरह से अवैध बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को पत्र लिखा था, लेकिन अब तक कही से कोई जवाब नहीं मिला है।
गीतांजलि ने साफ–साफ कहा कि मैंने चिट्ठी में साफ लिखा कि उनकी गिरफ्तारी गैरकानूनी है और उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। वो देश की सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं हैं। अंगमो ने कहा कि मैंने उनसे मिलने की अनुमति भी मांगी थी, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इसी वजह से हमें सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दायर करनी पड़ी। गीतांजलि ने कहा कि उन्हें अब तक न्यायिक रूप से कोई मदद नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक कॉल आया जिसमें बताया गया कि डीएसपी ने किसी को कहा है कि कुछ लोग सोनम से मिल सकते हैं। मैंने कहा कि यह बात मुझे लिखित में दी जाए, लेकिन मुझे अब तक कुछ नहीं मिला।
उल्लेखनीय है कि वांगचुक को लद्दाख में प्रदर्शनों के दो दिन बाद 26 सितंबर को कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में लिया गया था। लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर उस केंद्र शासित प्रदेश में हुए विरोध प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हो गई थी और 90 लोग घायल हो गए थे। अभी वांगचुक राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद हैं।



