उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (यूपी एटीएस) ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 जिलों में छापेमारी की है। यह कार्रवाई 2 अक्टूबर 2026 की रात से 3 अक्टूबर 2026 तक लगातार जारी रही। इस दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनकी पूछताछ की जा रही है।
यूपी एटीएस ने 15 जिलों में संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश दी
यूपी एटीएस की टीमों ने लखनऊ, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, अलीगढ़, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली और लखीमपुर खीरी समेत कुल 15 जिलों में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई भारत-नेपाल सीमा से लगे इलाकों तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में केंद्रित रही।
सुरक्षा एजेंसियों ने करीब 100 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनमें से अकेले पश्चिमी यूपी के 40 लोगों को गहन पूछताछ के लिए रखा गया है।

शहजाद भट्टी का आतंकी नेटवर्क और उसकी चालें
पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी का यह नेटवर्क कथित रूप से आईएसआई के सहयोग से भारतीय युवाओं को प्रभावित कर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करता है। इस नेटवर्क के तहत युवाओं को माइंड वॉश कर टारगेट किलिंग, सैन्य इलाकों की रेकी जैसी घटनाओं के लिए तैयार किया जाता है।
भट्टी का नेटवर्क हथियारों और ड्रग्स की तस्करी से भी जुड़ा बताया जाता है, जिसकी वजह से यह राज्य और देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है।
डिजिटल उपकरणों और सोशल मीडिया की जांच जारी
एटीएस की टीमें छापेमारी के दौरान संदिग्धों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त कर चुकी हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है।
साथ ही संदिग्धों के सोशल मीडिया अकाउंट, कॉल रिकॉर्ड्स और वित्तीय लेनदेन की जांच भी जारी है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनके संपर्कों का पता लगाया जा सके।
पूछताछ से खुल रहे नए सुराग
पहले गिरफ्तार किए गए संदिग्धों से मिली जानकारी के आधार पर एटीएस लगभग 150 से अधिक संदिग्धों की गतिविधियों की जांच कर रही है। पूछताछ में यह भी पता लगाया जा रहा है कि ये लोग नेटवर्क से किस हद तक जुड़े हैं।
एटीएस यह पता लगाने में जुटी है कि कौन सक्रिय रूप से आतंकी गतिविधियों में शामिल है और कौन अनजाने में इस नेटवर्क के संपर्क में आया है।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और आगामी कदम
उत्तर प्रदेश एटीएस ने इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए व्यापक खुफिया जानकारी का उपयोग करते हुए यह कार्रवाई की है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार संदिग्धों की निगरानी कर रही हैं।
आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है ताकि आतंकवादी गतिविधियों को पूरी तरह से रोका जा सके और प्रदेश की सुरक्षा पुख्ता की जा सके।
आम आदमी पर इस कार्रवाई का प्रभाव
इस कार्रवाई से आम जनता को सुरक्षा की भावना मिलेगी और आतंकवादी गतिविधियों में कमी आएगी। हालांकि, जांच के दौरान आम लोगों की परेशानियों को कम करने के लिए पुलिस सतर्क है।
स्थानीय प्रशासन भी सतर्क होकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेगा ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।



