प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ में आदिवासियों की सेवा में बिताए अपने वर्षों के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने कभी अपने लिए सोचना जरूरी नहीं समझा। इस अवसर पर मोदी ने अपने 25 साल के सार्वजनिक जीवन का उल्लेख किया और बताया कि आदिवासियों की सेवा और पहाड़ों में बिताए गए साल उनके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण सीखों में से हैं।
पीएम मोदी के आदिवासियों के बीच बिताए गए वर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि 50 वर्ष की उम्र तक उन्होंने जंगलों में आदिवासी समुदायों के साथ रहकर उनकी सेवा की। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का एक अनमोल हिस्सा था, जिसने उन्हें जीवन के उद्देश्य और सेवा की भावना सिखाई। मोदी ने यह भी कहा कि इस अवधि में उन्होंने कभी अपने भविष्य या महत्वाकांक्षा के बारे में सोचा ही नहीं।
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यह अनुभव उनके नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की सोच का आधार बना। आदिवासियों के बीच बिताए समय ने उन्हें जनसेवा के प्रति समर्पित किया और एक मिशन के लिए जीने की प्रेरणा दी।
25 वर्षों की राजनीतिक सेवा का इतिहास
प्रधानमंत्री ने बताया कि 7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तब से लेकर 7 अक्टूबर 2026 तक वे लगातार सरकार के प्रमुख के रूप में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि 50 वर्ष की उम्र तक उनका राजनीतिक रिपोर्ट कार्ड केवल एक संगठनात्मक कार्यकर्ता का था, जिसने कई चुनाव लड़वाए, लेकिन स्वयं कभी चुनाव नहीं लड़ा।
मोदी ने कहा कि उनकी राजनीति महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक मिशन के लिए है। इस 25 वर्षीय सेवा यात्रा में उन्होंने देश के विकास और गरीबों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
विकसित भारत के लिए नया संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा में देशवासियों से “We will do it!” का नारा दोहराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है और इसे दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना हमारा लक्ष्य है।
उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के संकल्पों को री-चार्ज करने पर भी जोर दिया। मोदी ने कहा कि यह संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश का है, जिसमें युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी की सेवा यात्रा को सराहा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के सेवा कार्य को सराहते हुए कहा कि उनकी नेतृत्व क्षमता और संकल्प ने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। योगी ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में गरीबों के जीवन में वास्तविक बदलाव आया है।
उन्होंने काशी से वडनगर तक निकाली गई सेवा ज्योति यात्रा को प्रधानमंत्री मोदी की जीवन यात्रा का स्मारक बताया और युवाओं को इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
सामाजिक और आर्थिक विकास में पीएम मोदी की भूमिका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में गरीबों के लिए आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं लागू हुईं। 12 करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण ने महिलाओं के सम्मान को बढ़ावा दिया। डिजिटल इंडिया के तहत करोड़ों लोगों को बैंकिंग सेवाएं मिलीं।
इसके अलावा, देश में स्टार्टअप्स की संख्या बढ़ी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बने और भारत वैश्विक तकनीकी क्षेत्रों जैसे ड्रोन्स, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग में आगे बढ़ा। यह सब पीएम मोदी के नेतृत्व की सफलता को दर्शाता है।
आगे की राह और देश के लिए उम्मीदें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि वे अपने मिशन के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और देश को विकसित भारत बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने देशवासियों से भी इसी संकल्प को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
आदिवासियों की सेवा में बिताए गए साल और 25 वर्षों की राजनीतिक यात्रा ने मोदी को एक मजबूत और द्रढ़ संकल्पित नेतृत्व दिया है, जो भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का कारण बनेगा।



