मिर्जापुर क्रशर प्लांट हादसा ने पूरे क्षेत्र में चिंता की लहर पैदा कर दी है। इस हादसे में 4 मजदूरों के दबे होने की आशंका है। घटना शनिवार, 5 सितंबर 2026 को अहरौरा थाना क्षेत्र के भगवती देई पहाड़ी में स्थित एक स्टोन क्रशर प्लांट में हुई।
ब्लास्टिंग के दौरान हुआ हादसा
हादसा दोपहर 1:00 से 1:30 बजे के बीच ब्लास्टिंग के दौरान हुआ। एएसपी (ऑपरेशन) राजकुमार मीणा के अनुसार, पत्थर तोड़ने के लिए नियमित रूप से ब्लास्टिंग की जाती है। बारिश के पानी से कमजोर हुई नींव ने स्ट्रक्चर को अस्थिर कर दिया था, जिसके कारण यह अचानक ढह गया।

चार मजदूर मलबे में दबे
स्ट्रक्चर ढहने के दौरान उसके पास ताश खेल रहे 4 मजदूर मलबे में दब गए। इन मजदूरों के नाम लाल बहादुर, अशोक, राकेश और दुर्योधन बताए जा रहे हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद, जेसीबी मशीनों की मदद से मलबे को हटाया गया और मजदूरों को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर (वाराणसी) भेजा गया।
प्रशासनिक जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम, क्षेत्राधिकारी (सीओ) चुनार, एसडीएम और एएसपी ऑपरेशन घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्लांट और सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने पूर्ण जांच के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हों।

मौत की पुष्टि नहीं
हालांकि स्थानीय लोगों में मौतों की अफवाहें फैल गई थीं, लेकिन प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने अभी तक किसी भी मजदूर की मौत की पुष्टि नहीं की है। सभी घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, और उनका इलाज जारी है।
आम आदमी पर असर
इस हादसे ने स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खदानों में काम करने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षा मानकों की सख्त जरूरत को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।
भविष्य की उम्मीदें
प्रशासनिक जांच के बाद उम्मीद है कि सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जाएगा और इस तरह के हादसे को रोकने के लिए नए नियम बनाए जाएंगे। स्थानीय प्रशासन इस पर गंभीरता से काम कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।



