मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में उन्होंने सेवा संकल्प अभियान के महत्व और प्रदेश में इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें प्रदेश के हर ग्राम पंचायत और नगर वार्ड में जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
सेवा संकल्प अभियान की व्यापक तैयारी पर मुख्यमंत्री की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 सितंबर को आयोजित समीक्षा बैठक में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यक्रमों की पूर्व योजना और मॉनिटरिंग प्रभावी ढंग से की जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान पीएम मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को प्रदेश में एक साथ दीप प्रज्ज्वलन कर विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास होगा।
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प्रदेश के सभी गांव और नगर निगमों के वार्ड शाम 7 बजे दीपों से जगमगाएंगे। मुख्यमंत्री स्वयं उज्जैन के महाकाल महालोक में इस कार्यक्रम में शामिल होंगे और प्रदेशवासियों को प्रेरित करेंगे।
जनभागीदारी और आधिकारिक समन्वय पर बल
सेवा संकल्प अभियान में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने ग्राम और नगर स्तर पर व्यापक सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय से ही अभियान सफल होगा।
इसके अलावा, हितग्राहियों और संस्थाओं को भी दीप प्रज्ज्वलन में शामिल किया जाएगा ताकि प्रदेशभर में एकजुटता का संदेश जा सके। रक्तदान शिविरों का आयोजन भी इसी दिन सभी स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में किया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
सेवा संकल्प अभियान के तहत होने वाले विभिन्न कार्यक्रम
सेवा संकल्प अभियान के दौरान कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें 19 से 26 सितंबर तक जिला स्तर पर और 4-5 अक्टूबर को राज्यस्तरीय चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं में सभी सरकारी और निजी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी भाग लेंगे। विजेताओं को मुख्यमंत्री द्वारा प्रमाणपत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे।
इसके अलावा, 19 सितंबर से 5 अक्टूबर तक विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुति होगी। आंगन मिलन सेवा 26 सितंबर से 5 अक्टूबर तक आंगनवाड़ियों में आयोजित होगी, जिसमें बच्चों और माताओं को पोषण, टीकाकरण और स्वच्छता की जानकारी दी जाएगी।
सेवा संकल्प अभियान में विकास और जनकल्याण की झलक
अभियान के दौरान सेवा की कहानी कार्यक्रम 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। इसमें केन-राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के संदेश साझा किए जाएंगे। 7 अक्टूबर को सेवा ज्योति कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें जिले की विकास गतिविधियों पर चर्चा होगी।
इसके अलावा विभिन्न जिलों से गुज़रने वाली बड़नगर-वाराणसी सेवा यात्रा 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आयोजित होगी। यह यात्रा प्रदेश की प्रगति और जनकल्याण के कार्यों को प्रदर्शित करेगी।
सेवा संकल्प अभियान के दौरान नवाचार और संवाद पर जोर
अभियान में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज कार्यक्रम 12 अक्टूबर को आयोजित होगा। इसमें स्टार्टअप और इनोवेटर्स भाग लेंगे। इसके साथ ही 17 अक्टूबर को नई दिल्ली में सुशासन सेवा संवाद का आयोजन होगा, जिसमें प्रदेश के पंच-सरपंच भाग लेंगे।
इस प्रकार सेवा संकल्प अभियान केवल सेवा कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नवाचार और बेहतर शासन के लिए संवाद को भी प्रोत्साहित करेगा।
अभियान के प्रभाव और आम जनता पर असर
सेवा संकल्प अभियान से प्रदेश के नागरिकों में सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी। दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से एकता और आभार का संदेश जाएगा। रक्तदान शिविर, पोषण कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियान आम लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण में मददगार साबित होंगे।
इसके अलावा, विकास योजनाओं के लाभार्थियों को सीधे लाभ उपलब्ध कराकर जनविश्वास बढ़ाने में भी यह अभियान सहायक होगा। सरकार की योजनाओं की पहुंच आम आदमी तक सुनिश्चित करने के प्रयास इस अभियान की विशेषता हैं।



