भारत ने वैश्विक स्तर पर एक बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता हासिल की है। पहली बार मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर निगरानी रखने वाली दुनिया की सबसे प्रभावशाली संस्था Financial Action Task Force (FATF) में भारत को उपाध्यक्ष (Vice President) का पद मिला है।
भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी विवेक अग्रवाल को FATF का वाइस प्रेसिडेंट चुना गया है। वर्तमान में संस्कृति मंत्रालय के सचिव के रूप में कार्यरत विवेक अग्रवाल जुलाई 2026 से जून 2027 तक इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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विदेश मंत्रालय ने इसे भारत की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘Zero Tolerance Policy’ को अब वैश्विक मंच पर और मजबूती मिलेगी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि FATF में भारत की यह नई नेतृत्व भूमिका वैश्विक आतंकवादी फंडिंग नेटवर्क के खिलाफ लड़ाई को और प्रभावी बनाएगी तथा अवैध वित्तीय तंत्र पर सख्त कार्रवाई को बढ़ावा देगी।
विवेक अग्रवाल का FATF से गहरा जुड़ाव रहा है। वह भारत के FATF प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख रह चुके हैं और Financial Intelligence Unit-India (FIU-IND) के पूर्व निदेशक भी रह चुके हैं। उनका व्यापक अनुभव FATF के उस मिशन को मजबूत करेगा, जिसका उद्देश्य वैश्विक वित्तीय प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि FATF में भारत की बढ़ती भूमिका न केवल आतंकवाद के वित्तपोषण पर लगाम लगाने में मदद करेगी, बल्कि वैश्विक वित्तीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में भी भारत की साख को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।



